BCCI Centre of Excellence की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 32 शीर्ष पुरुष क्रिकेटरों को रिहैब की जरूरत पड़ी। जानिए ₹127 करोड़ के बजट और इंजरी मैनेजमेंट से जुड़ी अहम बातें।
BCCI CoE Report: भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की चोटों और फिटनेस को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारतीय पुरुष टीम के 32 शीर्ष खिलाड़ियों को चोट से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ी। इनमें 20 केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी और 12 इंडिया-A या टारगेटेड कैटेगरी के क्रिकेटर शामिल थे।
रिपोर्ट में चोटों के प्रबंधन के साथ-साथ CoE के बजट, प्रशिक्षण शिविरों और मेडिकल टीमों के बीच तालमेल से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं।
BCCI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Centre of Excellence का अनुमानित बजट बढ़ाकर 127 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में सेंटर का वास्तविक खर्च करीब 92 करोड़ रुपये था। यानी बजट में लगभग 35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
बेंगलुरु स्थित CoE में खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन के अलावा फिटनेस, स्पोर्ट्स साइंस, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और प्रदर्शन सुधारने से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच CoE की स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन टीम ने महिला और पुरुष वर्ग को मिलाकर कुल 68 क्रिकेटरों की चोटों का प्रबंधन किया। इनमें सॉफ्ट टिश्यू इंजरी के मामले सबसे ज्यादा रहे। ऐसी चोटें आमतौर पर मांसपेशियों और उनसे जुड़े ऊतकों में होती हैं, जिनसे उबरने के लिए फिजियोथेरेपी और नियमित रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ सकती है।
रिपोर्ट में रोहित शर्मा के CoE में रिहैबिलिटेशन कराने का भी जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण उन्होंने सेंटर में रिपोर्ट किया था।
इसके अलावा जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ियों के चोट संबंधी मामले भी चर्चा में रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों में कम से कम चार-चार महीने CoE में बिताए।
ऋषभ पंत की चोट का भी रिपोर्ट में उल्लेख है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उन्हें उपचार की जरूरत पड़ी थी।
रिपोर्ट में स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन प्रमुख नितिन पटेल के मार्च 2025 में इस्तीफा देने के बाद पद लंबे समय तक खाली रहने की बात भी सामने आई है। BCCI ने सितंबर 2026 में इस पद के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले ऑडिट किए गए वित्त वर्ष में बजट में शामिल 57 कैंप और टूर्नामेंट में से 15 आयोजित नहीं हुए। वहीं, CoE ने महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए 25 हाई-परफॉर्मेंस कैंप आयोजित किए। ट्रेनिंग ब्लॉक कार्यक्रम से 37 खिलाड़ियों को फायदा मिला।
भारतीय टीम के व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए खिलाड़ियों के वर्कलोड को संतुलित करना बड़ी चुनौती है। अब देखना होगा कि बढ़ा हुआ बजट और बेहतर मेडिकल सुविधाएं चोटों की रोकथाम तथा खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखने में कितनी मदद करती हैं।
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