मैदान पर 'गंभीर' रहने वाले गौतम असल में कैसे रहते हैं? देखें उनके 20 करोड़ के आलीशान 'सफेद महल' की इनसाइड स्टोरी, जहाँ चांदी के बर्तनों में होती है मेहमानों की खातिरदारी!
Gautam Gambhir Delhi home: घर का प्रवेश द्वार एक बड़े और हरे-भरे लॉन में खुलता है, जहां एक बहुत ही खूबसूरत बगीचा है. गमलों में लगे पौधों से घिरा ये जगह बेहद शांत और ताज़गी भरा अहसास देता है. घर के अंदर के हिस्से काफी भव्य हैं, इसकी सुंदरता बढ़ाता है एक बड़ा सा स्काईलाइट . पूरी तरह से सफेद रंग में रंगा यह घर एक साफ-सुथरा, भव्य और शाही लुक देता है. घर के अलग-अलग हिस्सों में कलाकृतियाँ और विशाल झूमर लगे हैं. हम बात कर रहे हैं गौतम गंभीर के घर की जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये है.
ड्राइंग रूम और डाइनिंग स्पेस एक ही बड़े कमरे का हिस्सा हैं, जिसे सफेद, बेज और पाउडर ब्लू रंगों के सोफों से खूबसूरती से सजाया गया है. डाइनिंग टेबल पर चांदी के बर्तनों का सेट सजा हुआ है. बातचीत के दौरान गौतम ने स्वीकार किया कि एक पंजाबी होने के नाते उन्हें मेहमानों की खातिरदारी करना पसंद है, हालांकि वे खुद भोजन के बहुत शौकीन (foodie) नहीं हैं. डाइनिंग टेबल की कुर्सियाँ भी सफेद रंग की हैं, जो घर के मुख्य कलर पैलेट से मेल खाती हैं.
गौतम और उनकी पत्नी नताशा जैन ने अपनी बेटियों आज़ीन और अनाइजा के कमरे भी दिखाए. दोनों लड़कियों के कमरे उनके अलग-अलग व्यक्तित्व को दर्शाते हैं. जहाँ एक बेटी को गुड़ियों का शौक है और उसके पास 150 से ज्यादा गुड़ियों का कलेक्शन है, वहीं दूसरी को संगीत में रुचि है और वह पियानो बजाना पसंद करती है.
जब गौतम से पूछा गया कि क्रिकेट उनके लिए क्या मायने रखता है, तो उन्होंने कहा “जब आप राष्ट्रगान के लिए खड़े होते हैं, तो उससे बड़ा कोई सम्मान नहीं होता। आपके पास 140 करोड़ भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान लाने का मौका होता है. मेरे लिए क्रिकेट का खेल यही है। मैदान पर मैं ‘गंभीर’ (गंभीर/सीरियस) हूँ, लेकिन घर पर मैं सिर्फ ‘गौतम’ हूँ.”
उन्होंने अपने बचपन के बारे में भी बात की और बताया कि उनकी बेटियाँ उन्हें केवल एक पिता के रूप में देखती हैं, न कि उस दिग्गज क्रिकेटर के रूप में जो वे हैं. अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा बचपन अलग था क्योंकि चुनौतियाँ अलग थीं. मैंने 11-12 साल की उम्र में ही टूर्नामेंट खेलने के लिए घर छोड़ दिया था, जो काफी मुश्किल था क्योंकि उस उम्र में घर से दूर रहने की घबराहट रहती थी. इसलिए, जब आप वापस घर आते हैं, तो वह गले मिलना (hug) शायद एक पिता के लिए सबसे अनमोल चीज़ है.”
मैदान पर अपनी गंभीरता के बारे में उन्होंने बताया “मेरे चेहरे पर वह ‘गेम फेस’ या गंभीरता इसलिए रहती है क्योंकि मैं एक ऐसे पेशे में हूँ जहाँ लोग मुझे मुस्कुराते हुए देखने नहीं आते। दुर्भाग्य से, लोग मुझे जीतते हुए देखने आते हैं.”
इस दंपत्ति ने अपना हाल ही में रेनोवेट किया गया ‘लाउंज रूम’ भी दिखाया, जहाँ गंभीर के शानदार करियर के मेडल और ट्रॉफियां सजी हुई हैं. उन्होंने 2007 टी20 विश्व कप जीत के मेडल दिखाए और वह ऐतिहासिक जर्सी भी दिखाई जो उन्होंने 2011 विश्व कप के फाइनल में पहनी थी। गंभीर ने बताया कि उन्होंने वह जर्सी कभी नहीं धोई, जिस पर जीत के बाद सभी क्रिकेटरों के हस्ताक्षर हैं. उन्होंने उस जर्सी को फ्रेम करवाकर लाउंज में लगाया है। उन्होंने कहा, “घर (भारत) में विश्व कप जीतना एक अविश्वसनीय अहसास था.”
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