न्यूजीलैंड ने भारत का 36 साल पुराना किला गिरा दिया! गौतम गंभीर की कोचिंग और टीम इंडिया की इस शर्मनाक हार के पीछे आखिर असली विलेन कौन है? जानिए पूरी सच्चाई यहाँ...
Gautam Gambhir Coach Position in Test doubtful
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए पिछले मैच में टीम इंडिया को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ, टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घर पर पहली बार सीरीज़ हारने का एक शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया. पहले बैटिंग करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 338 रन बनाए. जवाब में, विराट कोहली ने टीम इंडिया के लिए आखिर तक लड़ाई लड़ी, लेकिन आखिरकार 124 रन बनाकर अपना विकेट गंवा दिया. इसके साथ ही टीम इंडिया मैच हार गई, जिससे घर पर टीम के दबदबे पर कई सवाल उठ गए हैं. एक समय था जब टीम इंडिया को अपने घरेलू मैदान पर किंग माना जाता था, लेकिन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ इस हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. टीम इंडिया लगातार क्यों हार रही है? कमियां कहां हैं? असली वजह क्या है? आइए विस्तार से समझते हैं…
यह 1988 के बाद से आठ कोशिशों में भारत में न्यूज़ीलैंड की पहली वनडे द्विपक्षीय सीरीज़ जीत है. इंदौर में लगातार सात वनडे मैच जीतने के बाद यह भारत की पहली हार है. इस मैदान पर पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 8 में से 6 वनडे मैच जीते हैं. अक्टूबर 2022 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने टॉस जीतने के बाद घर पर कोई वनडे मैच हारा है, जबकि उसने लगातार 13 मैच जीते थे.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल ने साफ तौर पर कहा कि हार का मुख्य कारण सही प्रदर्शन न कर पाना था. जहां न्यूज़ीलैंड के डेरिल मिशेल और ग्लेन फिलिप्स ने अपनी अच्छी फॉर्म का फायदा उठाकर बड़ी सेंचुरी बनाईं, वहीं भारतीय टॉप ऑर्डर फेल रहा. गिल ने माना, “हम सभी, सभी बल्लेबाज़, मुझे नहीं लगता कि हम अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल पाए. भारत में ज़्यादा स्कोर वाले मैच आम बात हैं, और अगर बल्लेबाज़, खासकर टॉप दो, अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदलते हैं, तो हम बड़ा टोटल नहीं बना पाएंगे.”
कप्तान ने डिफेंसिव स्टैंडर्ड में आई भारी गिरावट की ओर भी इशारा किया. गिल ने कहा, “ईमानदारी से हार तो मुझे लगा कि इस सीरीज में हमारी फील्डिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं थी. हमने कुछ अहम कैच छोड़े, और ऐसी विकेट पर गेंदबाजों के लिए मौके बनाना आसान नहीं होता. न्यूजीलैंड की फील्डिंग बेहतर थी, वे आज कम से कम 15-20 रन बचाए होंगे. इससे बहुत फर्क पड़ता है,
जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में टीम के मुख्य तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को ज्यादातर आखिरी मैच के लिए टीम में खिलाना बेहद ही नाकाम रहा. लगातार शानदार रन बनाने के बाद भी ज्यादातर 1 मैच में उन्हें झुका गया. इसके बावजूद उन्होंने 3 विकेट झटके. ऐसे में उन्हें शुरुआती मैचों में ना खिलाना बहुत बड़ा फेलियर था. यहां तक कि बाकी कुलदीप यादव भी स्ट्राइक देखे, तीनों मैचों में उनका औसत 60 से ज्यादा और स्ट्राइक रेट 50 रहा. गिल ने कुलदीप के बचाव में कहा, “यह हैरान है कि वह इस बार ज्यादा विकेट नहीं ले पाए. इसी वजह से इस तरह की सीरीज हमें आगे बढ़ने में मदद करती हैं.”
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