T20 World Cup Trophy: टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर T20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. लेकिन ट्रॉफी जीतने के बाद उसे अहमदाबाद के मशहूर टेकरी हनुमान मंदिर ले जाया गया है. इस हरकत पर अब बवाल खड़ा हो गया है. यह बवाल भारत के पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद द्वारा उठाए गए सवाल के चलते हुआ है. कीर्ति आजाद का कहना है कि ट्रॉफी तो सभी धर्म की है. फिर उसे सिर्फ एक धर्म की जगह पर ही क्यों ले जाया गया?
जहां एक तरफ जश्न मनाया जा रहा है वहीं पूर्व क्रिकेटर और नेता कीर्ति आजाद के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बवाल मचा दिया है. उन्होंने आईसीसी चेयरमैन जय शाह और टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव को आड़े हाथ लिया है.
#WATCH | Gujarat: ICC Chairman Jay Shah, Team India Head Coach Gautam Gambhir, along with Skipper Surya Kumar Yadav, offered prayers at the Hanuman Temple in Ahmedabad.
The Men in Blue crushed New Zealand by 96 runs to lift the #ICCT20WorldCup2026 pic.twitter.com/71SWAraDre
— ANI (@ANI) March 8, 2026
कीर्ति आजाद ने क्या कहा?
कीर्ति आजाद ने अपने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, टीम इंडिया पर शर्म आती है! जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे. हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लेकर आए थे. भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है – सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं! सिराज ने कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू ने कभी इसे चर्च में नहीं ले गए. संजू ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी और वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे. यह ट्रॉफी हर धर्म के 14 लाख भारतीयों की है – किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं!’
SHAME ON TEAM INDIA! 😡
When we won the World Cup under Kapil Dev in 1983, we had Hindu Muslim Sikh and Christian in the team.
We brought the trophy to our religious birth place our motherland India Bharat Hindustan
Why The Hell Is The Indian Cricket Trophy is being Dragged.…
— Kirti Azad (@KirtiAzaad) March 9, 2026
क्रीर्ति आजाद कौन है
कीर्ति आजाद पूर्व क्रिकेटर हैं और अब राजनेता बने हैं. वर्तमान समय में वह तृणमूल कांग्रेस के नेता हैं. इससे पहले वह भाजपा और कांग्रेस में भी रह चुके हैं. 1990 के दौरान उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहा था और राजनीतिक में सक्रिय हुए थे.