ग्रेट खली का जीवन आसान नहीं रहा है. पंजाब पुलिस में सेवा देने से पहले वे पत्थर उठाने जैसा काम करते थे लेकिन एक शख्स ने उन्हें WWE के मंच तक पहुंचाने की ठानी और वहां पहुंचाकर ही दम लिया.
क्यों कहा जाता था द द्रेट खली को पंजाबी प्लेबॉय?
WWE की चकाचौंध और लाखों दर्शकों की गूंजती तालियों से पहले द ग्रेट खली का जीवन कठिन संघर्षों से होकर गुजरा. हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव में जन्मे दलीप सिंह राणा ने बचपन में अभाव और जिम्मेदारियों का बोझ उठाया. परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें पत्थर तोड़ने और दिहाड़ी मजदूरी जैसे कठिन काम भी किए. लेकिन वो कहते हैं ना कि इंसान के जीवन में बदलाव कब आ जाता है ये उसे भी पता नहीं चलता.
अपनी अधिक लंबाई, मजबूत हड्डियों और ताकत के कारण खली का रुझान धीरे-धीरे बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस की ओर हुआ. पंजाब पुलिस में सेवा के दौरान उनका विशाल व्यक्तित्व हर किसी का ध्यान खींचने लगा. हालांकि, उनके जीवन की दिशा तब बदली जब दुनिया के दिग्गज बॉडीबिल्डर डोरियन येट्स (Dorian Yates) की नजर उन पर पड़ी. 2000 के शुरुआती वर्षों में भारत यात्रा के दौरान डोरियन येट्स ने खली को देखा. उन्हें फिर लगा कि खली WWE में अपना करियर बना सकते हैं.
खली की कद-काठी, शारीरिक बनावट और स्वाभाविक ताकत ने येट्स को प्रभावित किया. उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि खली केवल बॉडीबिल्डिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वैश्विक मनोरंजन और खेल जगत में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं. डोरियन येट्स फिर खली से मिले और उन्हें नई दिशा दी. उन्होंने खली को प्रोफेशनल रेसलिंग से जोड़ा और इंटरनेशन ट्रेनिंग सिस्टम व प्रमोटर्स तक पहुंच दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
इसके बाद खली ने जापान और अमेरिका की प्रोफेशनल रेसलिंग में अनुभव हासिल किया और जल्द ही WWE तक पहुंचे. WWE में उनकी एंट्री ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. अपनी विशाल कद-काठी और दमदार अंदाज के दम पर खली ने अंडरटेकर, जॉन सीना, बतिस्ता और केन जैसे दिग्गज रेसलर्स के साथ मुकाबले किए. उनका करियर उस समय ऐतिहासिक बन गया जब वे WWE वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय बने.
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