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कौन हैं आर एन रवि? चुनाव से पहले जिनकी एंट्री से बढ़ी ‘ममता दीदी’ की चिंता; जानें इस नए गवर्नर का पूरा इतिहास

आर एन रवि कौन हैं: आखिर ममता बनर्जी नए राज्यपाल के आने से चिंतित क्यों है या फिर उनके मन में यह बात चल रही है कि इस फेरबदल के पीछे कोई पॉलिटिकल एजेंडा है.

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कुछ ही हफ्तें पहले राज्य के पूर्व राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य को नया राज्यपाल मिला आर एन रवि, जो कि बंगाल से पहले तमिलनाडु के गवर्नर भी रह चुके हैं. राज्य के नए राज्यपाल आर एन रवि के पद संभालने को लेकर ममता दीदी काफी नाराज दिखी साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी जमकर निशाना साधा.

लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर ममता बनर्जी नए राज्यपाल के आने से चिंतित क्यों है या फिर उनके मन में यह बात चल रही है कि इस फेरबदल के पीछे कोई पॉलिटिकल एजेंडा है और चुनाव में नए राज्यपाल यानी आर एन रवि बीजेपी की मदद करेंगे? ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि आखिर ममता बनर्जी के चिंता का क्या कारण है.

ममता बनर्जी आर एन रवि से नाराज क्यों हैं?

सबसे पहला सवाल यह उठता है कि आखिर ममता नए राज्यपाल से नाराज क्यों हैं, तो इसका जवाब आर एन रवि के विवादित अतीत की वजह से उठे हैं. पूर्व IPS अधिकारी और इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर आर एन रवि तमिलनाडु के गवर्नर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान गलत वजहों से जाने जाते हैं. तमिलनाडु के 15वें गवर्नर DMK के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ अपने लगातार, तीखे और सार्वजनिक टकरावों के लिए कई बार सुर्खियों में रहे. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ज़्यादातर समय पॉलिसी, कानून और क्षेत्रीय भावना के मुद्दों पर MK स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को मुश्किल में डाला है.
9 सितंबर, 2021 को राज्य के 15वें गवर्नर बनाए गए रवि ने 18 सितंबर, 2021 को चार्ज संभाला. हालांकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनके अपॉइंटमेंट का स्वागत किया और पूरे सहयोग का भरोसा दिया, लेकिन उनके गठबंधन के साथी, कांग्रेस और विदुथलाई चिरुथैगल काची ने उनके अपॉइंटमेंट पर सवाल उठाए और BJP के गलत इरादे का दावा किया. जल्द ही, राज्य सरकार के साथ टकराव शुरू हो गया. राज्य सरकार की निराशा को देखते हुए, RN रवि ने राज्य विधानसभा से पास किए गए बिलों को रोकना शुरू कर दिया. उन्होंने मई 2022 तक अपनी मंज़ूरी के लिए 21 बिलों को रोक दिया.

तमिलनाडु के गवर्नर के तौर पर आर एन रवि का इतिहास

RN रवि ने जनवरी 2023 में तब हंगामा खड़ा कर दिया, जब उन्होंने सुझाव दिया कि तमिलनाडु राज्य के लिए तमिलकम ज़्यादा सही नाम होगा. उन्होंने राज्य की सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियों पर पिछले पचास सालों में कथित तौर पर पीछे ले जाने वाले कदम उठाने का आरोप लगाया. इसके बाद हंगामा मच गया. सत्ताधारी DMK के साथ-साथ मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK ने भी रवि की बुराई की. कुछ कॉलेज स्टूडेंट्स ने उनके कमेंट्स के खिलाफ प्रोटेस्ट किया. इसने पॉलिटिकल रंग ले लिया और स्टेट BJP ने गवर्नर के बुरे और विवादित कमेंट्स के लिए उनका सपोर्ट किया.
गवर्नर तमिलनाडु सरकार के साथ टकराव का अग्रेसिव रास्ता अपनाते रहे. उन्होंने 9 जनवरी, 2023 को सरकार द्वारा तैयार किए गए अपने भाषण के कुछ हिस्सों को हटाने का बहुत बड़ा कदम उठाया. सरकार ने दावा किया कि रवि ने ‘महिला सशक्तिकरण’, ‘सेक्युलरिज्म’, और ‘आत्म-सम्मान’ जैसे शब्दों और बीआर अंबेडकर और द्रविड़ नेताओं के कुछ हिस्सों को हटा दिया. जब रूलिंग पार्टी ने सिर्फ सरकार द्वारा तैयार किए गए गवर्नर के भाषण को रिकॉर्ड करने का प्रस्ताव पेश किया, तो रवि ने कार्यवाही का बॉयकॉट किया और गुस्से में हाउस से चले गए.

RN रवि स्टेट गवर्नमेंट के खिलाफ हो गए थें

टकराव इस लेवल तक बढ़ गया कि स्टेट गवर्नमेंट गवर्नर के खिलाफ कोर्ट चली गई. अप्रैल 2024 में द स्टेट ऑफ़ तमिलनाडु बनाम द गवर्नर ऑफ़ तमिलनाडु के मामले में एक लैंडमार्क फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट लेजिस्लेचर द्वारा पास किए गए बिलों पर एक्शन लेने के लिए गवर्नरों के लिए टाइम लिमिट तय की. तमिलनाडु ने हार नहीं मानी और राज्य के लोगों के साथ एक और टकराव शुरू कर दिया, जब कथित तौर पर उन्होंने 12 अप्रैल, 2025 को मदुरै के त्यागराज कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में हुए एक इवेंट के दौरान स्टूडेंट्स से जय श्री राम का नारा लगाने को कहा.
उनके इस तरीके से परेशान होकर, एजुकेशनिस्ट और एक्टिविस्ट के एक एसोसिएशन, स्टेट प्लेटफॉर्म फॉर कॉमन स्कूल सिस्टम ने प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को गवर्नर के खिलाफ चिट्ठी लिखी. इसने रवि को पद से हटाने की मांग की. ऑर्गनाइज़ेशन ने तर्क दिया कि गवर्नर ने भारतीय संविधान के आर्टिकल 159 का उल्लंघन किया है, जो गवर्नर द्वारा ली जाने वाली पद की शपथ से जुड़ा है. ऐसा व्यक्ति जल्द ही राज्य असेंबली से पहले पश्चिम बंगाल के गवर्नर का पद संभालेगा. ममता बनर्जी घबराई हुई हैं; उन्होंने कहा है कि केंद्र ने राज्य सरकार की सलाह नहीं ली और उसकी मर्ज़ी के खिलाफ रवि को उस पर थोप दिया. अगर आरएन रवि अपनी विवाद वाली पॉलिसी दोहराते हैं तो पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन 2026 बहुत दिलचस्प होने की संभावना है.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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