Maharashtra News: महाराष्ट्र के गोंदिया शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे इंसानियत शर्मसार हो गई. एक कलयुगी बेटे ने अपने बूढ़े मां-बाप को संपति के लालच में घर से निकाल दिया.
बुजुर्गों से बदतमीजी करना पड़ेगा भारी, खानी पड़ सकती है जेल की हवा
Maharashtra News: महाराष्ट्र के गोंदिया शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे इंसानियत शर्मसार हो गई. एक कलयुगी बेटे ने अपने बूढ़े मां-बाप को संपति के लालच में घर से निकाल दिया. गौरतलब है कि मां की उम्र 79 साल और पिता की उम्र 86 साल है.लेकिन जब यह मामला प्रशासन के सामने आया तो कलयुगी बेटे के पैरो तले जमीन निकल गई. किसी ने ठीक ही कहा है, कानून के हाथ बहुत लंबे होते है. सारा मामला प्रकाश में आने के बाद कलेक्टर ने साफ शब्दों में आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर अगर बेटा घर खाली नहीं करता है तो उसका सामान घर से बाहर फेंक दिया जाए. इस फैसले से बुजुर्ग दंपति को बहुत राहत मिली है.
घटना गोंदिया शहर के गौतम नगर इलाके की है. संपति हड़पने के लिए कलयुगी बेटे ने अपने बूढ़े मां-बाप को घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया. जाहिर है कि मकान कानूनी रुप से मां कौशल्या मंदारकर के नाम पर है, उम्र के इस पड़ाव पर जहां उन्हें सेवा और प्यार की आवश्यकता है, वहीं उनका बेटा दिनेश मंदारकर संपति हड़पने के लिए अक्सर अपने बूढ़े मां-बाप को जान से मारने की धमकी और मानसिक रुप से प्रताड़ित भी करता रहा है. इतना ही नहीं उसने अपने बूढ़े मां-बाप को घर से निकाल दिया और उनका सामान भी सड़क पर फेंक दिया.
इस अत्याचार के खिलाफ 86 साल के पिता हरिराम मंदारकर ने घुटने हार नहीं मानी, उन्होनें गोंदिया शहर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और ‘वरिष्ठ नागरिक कानून’ के तहत न्याय का दरवाजा खटखटाया. मामला जिला कलेक्टर मंगेश गोंदावले की अदालत में पहुंचा. कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नालायक बेटे को साफ तौर पर कह दिया कि यह घर पूरी तरह से पिता की कमाई का है. बेटे को माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध रहने का कोई अधिकार नहीं है.
गौरतलब है कि, जिला अधिकारी ने कलयुगी बेटे को आदेश दिया है कि 15 दिनों के भीतर मकान को खाली कर दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. इस मामले में कोई भी कोताही बरतने की कोई भी संभावना नहीं है. इस फैसले से समाज के लोग काफी आश्वस्त नजर आ रहे है.
वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण के लिए इस फैसले को एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो समाज के उन तमाम बेटों के लिए एक खुली चेतावनी है जो अपने माता-पिता को बोझ समझते हैं।
इस प्रकरण को लेकर मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारीमंगेश गोंदावले ने कहा- बुजुर्गों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानूनन यह घर माता-पिता का है, इसलिए बेटे को वहां रहने का कोई हक नहीं है।
जिलाधिकारी ने कलयुगी बेटे को 15 दिन में घर खाली करने का आदेश दिया है, ताकि बुजुर्ग दंपत्ति अपने घर में सम्मान से रह सकें।
Petrol Diesel Rate Today: सुबह 6 बजे नेशनल ऑयल कंपनियां (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…
Ludhiana Ambedkar statue: लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की…
Wasim Akram statement: पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने पूर्व कप्तान इमरान खान…
Deepika baby bump: रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बेटी दुआ के दूसरे जन्मदिन पर…
8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने 7 सितंबर 2026 से चेन्नई में क्षेत्रीय…
Apoorva Mukhija Viral Video: कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मुखिजा उर्फ रिबेल किड इन दिनों न्यूयॉर्क में…