Nishant Kumar Statement: बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है. इस वक्त हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात है कि निशांत कुमार किसी पद पर शामिल होंगे या नहीं. इस अटकलों पर भी हम उन्होंने विराम लगाते हुए बड़ा फैसला लिया है, जिसके बाद अब यह सवाल उठ रहें है कि अब बिहार में डिप्टी सीएम कौन बनेगा.
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वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार ने भी बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि निशांत कुमार ने मंत्रिमडंल में शामिल होने के बारे में क्या कहा.
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे. JD(U) कोटे से विजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री बनेंगे. निशांत कुमार ने कहा कि मैं संगठनात्मक काम देखूंगा. निशांत कुमार शुरू से ही इस प्रस्ताव को ठुकराते आ रहे थे.
उनकी प्रशासन का हिस्सा बनने की कोई इच्छा नहीं है. उन्हें मनाने की कोशिशें अभी भी जारी हैं, हालांकि अब सफलता की संभावना न के बराबर है. फिलहाल, वह संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. उनकी योजना बाद के चरण में किसी विधायी सदन का सदस्य बनने की है, जिसके बाद वह सरकार में शामिल होने पर विचार कर सकते हैं.
लगभग दो दशकों तक सत्ता की बागडोर संभालने के बाद, नीतीश कुमार ने मंगलवार (14 अप्रैल) को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने बिहार के राज्यपाल से मुलाक़ात करने के बाद अपना इस्तीफ़ा सौंपा. पद छोड़ने से पहले, नीतीश कुमार ने कैबिनेट की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने कैबिनेट को भंग करने की सिफ़ारिश की.
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ-साथ सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से अपने सहयोगियों को अपने इस्तीफ़े के बारे में जानकारी दी.
JD(U) के दो मंत्रियों के पद की शपथ लेने की उम्मीद है, और वे दोनों ही उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य करेंगे. श्रवण कुमार जो नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं उपमुख्यमंत्री के पद के लिए एक दावेदार हैं. विजय चौधरी, जो भूमिहार समुदाय से संबंध रखते हैं, भी उपमुख्यमंत्री के पद की दौड़ में शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, विजेंद्र यादव भी उपमुख्यमंत्री की भूमिका के लिए एक अन्य दावेदार हैं.