Bihar Politics: नीतीश कुमार के युग का समापन होने के साथ बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है. इसके साथ ही बिहार में एक और इतिहास रचा जाएगा, जबकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से नया सीएम चुना जाएगा. इस बीच नीतीश कुमार कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए. इसमें नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार को भंग करने की सिफारिश की गई है. वह अपनी इस्तीफा 3 बजे के बाद राज्यपाल को सौंपेंगे. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे. राजनीति के जानकारों का कहना है कि करीब-करीब यह तय हो चुका है कि बिहार का नया मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से होगा.
बिहार के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी के नेता बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहा है. कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी चर्चाएं तेज हैं, लेकिन सम्राट चौधरी या नित्यानंद राय में से किसी एक के नाम पर मुहर लग सकती है. इसका अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान करेंगे.
बड़े भाई से छोटे भाई के रोल में आई भाजपा
दो दशक से बड़े भाई की भूमिका में रही नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू अब सरकार में छोटे भाई की भूमिका में नजर आएगी. सूत्रों के मुताबिक, नए फॉर्मूले के तहत जनता दल यू के खाते में उपमुख्यमंत्री आएगा. चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार के नए डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी जा सकती है हालांकि, इसकी संभावना कम ही है, क्योंकि विपक्ष इस मुद्दे पर आने वाले समय में भाजपा और जदयू दोनों पर हमला बोल सकता है.
कितने बनेंगे मंत्री
किसी भी प्रदेश में मंत्रियों की संख्या विधानसभा में विधायकों की संख्या पर निर्भर करती है. बिहार में विधानसभा में सीटों की संख्या 243 है. ऐसे में बिहार की नई सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 33 से 34 के आसपास हो सकती है. एनडीए के सभी पांचों दलों के बीच पदों का बंटवारा हो चुका है. इसके तहत बीजेपी और जेडीयू दोनों को 15-15 कैबिनेट पद मिल सकते हैं. वहीं चिराग पासवान की पार्टी LJP-R को 2 मंत्री पद मिल सकते हैं जबकि जीतन राम मांझी की पार्टी HAM और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को 1-1 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है.
यहां पर बता दें कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा में बतौर सांसद अपनी भूमिका निभाएंगे. वह करीब दो दशक से गठबंधन के तहत बिहार के सीएम बने. अपने कार्यों के चलते उन्हें सुशासन बाबू कहा जाता है.