उपेंद्र कुशवाहा ने आलोक सिंह को नेशनल लोक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया. पार्टी में फूट की अफवाहों पर उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? संगठन मजबूती के लिए इन नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी दी.
कौन हैं आलोक कुमार सिंह? जिन्हें कुशवाहा ने सौंपी पार्टी की कमान.
नेशनल लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए दिनारा के विधायक आलोक कुमार सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है. पटना में प्रेस से बात करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने घोषणा की कि विधानसभा सदस्य आलोक कुमार सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई है. प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, और वे आलोक कुमार सिंह की मदद करेंगे. इन नियुक्तियों के अलावा, हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव की ज़िम्मेदारी दी गई है और मदन चौधरी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (संगठन) नियुक्त किया गया है.
नेशनल लोक मोर्चा में फूट की अफवाहों पर प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने साफ कहा कि पार्टी में सब ठीक है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी को हर हाल में आगे बढ़ना है. पार्टी के अंदर कोई असंतोष नहीं है. सब ठीक है. कोई दिक्कत नहीं है. अफवाहों पर ध्यान न दें.
आलोक कुमार सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की काफी चर्चा हो रही है. खास बात यह है कि उनके भाई संतोष सिंह बीजेपी के MLC हैं और नीतीश कुमार की पिछली कैबिनेट में श्रम संसाधन मंत्री थे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा ने आलोक कुमार सिंह को उनके संगठनात्मक अनुभव और ज़मीनी स्तर पर मज़बूत पकड़ को देखते हुए यह ज़िम्मेदारी दी है. नई ज़िम्मेदारी मिलने के बाद आलोक सिंह ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों को हर नागरिक तक पहुंचाने और बूथ स्तर पर संगठन को मज़बूत करने की पूरी कोशिश करेंगे.
कुशवाहा ने कहा कि यह टीम आगे चलकर राज्य इकाई के जिला अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों का गठन करेगी. पार्टी को मजबूत करने के लिए एक विशेष सदस्यता अभियान की भी घोषणा की गई. उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय इकाई का गठन जल्द ही किया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर ध्यान दिया जाएगा.
पार्टी के अंदर असंतोष की चर्चाओं के बारे में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वह ऐसी बातें सिर्फ मीडिया से सुन रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के अंदर कोई मतभेद नहीं है. विधायी दल की बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बैठक तय नहीं है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद माना जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा संगठन को फिर से बनाने और सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं.
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