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Chhattisgarh: सूरजपुर में गन्ना किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई तेज, केरता शक्कर कारखाना में तालाबंदी

Surajpur News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गन्ना किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान का मामला बढ़ता ही जा रहा है. कई बार प्रबंधन से निवेदन और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर आखिरकार आंदोलन शुरू हो गया है.

Chhattisgarh News: सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र स्थित केरता शक्कर कारखाना में गन्ना किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर लंबे समय से चल रहा असंतोष अब आंदोलन में बदल गया है. प्रबंधन की उदासीनता और लगातार अनदेखी से आक्रोशित सैकड़ों किसानों और मजदूरों ने सोमवार को एकजुट होकर कारखाने में तालाबंदी कर दी. बताया जा रहा है कि गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों और कारखाने में कार्यरत मजदूरों का भुगतान लंबे समय से लंबित है.

कई बार प्रबंधन से निवेदन और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने पर आखिरकार आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. इस आंदोलन को समर्थन देने जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर की अध्यक्ष शशि सिंह स्वयं मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी नजर आईं. उन्होंने कारखाने के मुख्य द्वार पर ताला जड़ते हुए प्रबंधन और प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी.

पसीने की कमाई को रोकना सीधा-सीधा अन्याय- शशि सिंह

शशि सिंह ने कहा- “हमारे अन्नदाता किसान और मेहनतकश मजदूर इस कारखाने की रीढ़ हैं. उनके पसीने की कमाई को रोकना सीधा-सीधा अन्याय है. अगर तय समय सीमा के भीतर बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो कांग्रेस इस आंदोलन को और उग्र रूप देगी.”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों और मजदूरों के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष किया जाएगा.

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण रहे मौजूद

इस दौरान आंदोलन स्थल पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें विमलेश तिवारी, विद्यासागर सिंह, अनिल गुप्ता, सुरेश आयाम, त्रिभुवन सिंह, नवीन जायसवाल, डी. राम, रोहन राजवाड़े, बबीता गुप्ता, सतवंत सिंह, अविनाश साहू, लिवनेश सिंह, दिनेश राजवाड़े, गोल्डी खान और सुरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान-मजदूर शामिल रहे.

स्थिति तनावपूर्ण, समाधान की राह पर नजर

कारखाने में तालाबंदी के बाद क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. अब निगाहें प्रशासन और कारखाना प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे किसानों और मजदूरों की मांगों को कब तक पूरा करते हैं. फिलहाल आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

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Hasnain Alam

हसनैन आलम, iTV Network में चीफ सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. वह inkhabar.com और indianews.in हिंदी वेबसाइट की टीम लीड करते हैं. 9 साल से अधिक समय से पत्रकारिता में हैं. राजनीति, खेल और मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा और हेल्थ बीट पर अच्छी पकड़ है. इंडिया न्यूज़ से पहले ABP News और NYOOOZ जैसे संस्थानों में काम किया है.

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