<
Categories: दिल्ली

‘वे मुझे ‘बेबी’ कहने लगे और…’, चैतन्यानंद सरस्वती का ‘काला चिट्ठा’ आया सामने, पीड़िता ने खोल दिए सारे घिनौने राज!

Chaitanyananda Saraswati case update: केस दर्ज होने के बाद से चैतन्यानंद फरार है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. वह आखिरी बार आगरा में देखा गया था, लेकिन वह पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार जगह बदल रहा है.

Chaitanyananda Saraswati case: दिल्ली के पॉश वसंत कुंज इलाके में आश्रम के डायरेक्टर और शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के हेड चैतन्यानंद सरस्वती द्वारा महिला छात्रों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है. जांच शुरू होने के बाद से कई नए खुलासे हुए हैं. एक पीड़ित छात्रा ने हाल ही में सामने आकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. छात्रा ने बताया कि चैतन्यानंद उसे और दूसरी छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजता था और कॉलेज प्रशासन में काम करने वाली तीन महिलाएं इस पूरे मामले में उसका साथ देती थीं. आइए जानते हैं कि कैसे दो ईमेल ने इस मामले का पर्दाफाश किया और चैतन्यानंद को इन कामों में कौन सी महिलाएं मदद करती थीं.

बिहारियों हो जाओ सावधान! अगर नहीं किया ये काम, तो नहीं डाल सकेंगे वोट

दो ईमेल ने वर्षों पुराने राज खोले

इंस्टीट्यूट की एक पूर्व छात्रा ने 28 जुलाई को संस्थान को एक पत्र भेजा, जिसमें चैतन्यानंद के गलत कामों का खुलासा किया गया था. विश्वविद्यालय को यह पत्र 31 जुलाई को मिला और फिर 1 अगस्त को भारतीय वायु सेना के एक ग्रुप कैप्टन ने भी संस्थान को एक ईमेल भेजा, जिसमें छात्र शोषण का आरोप लगाया गया था. ग्रुप कैप्टन ने कहा कि उन्हें चैतन्यानंद के बारे में जानकारी मिली है कि वह देर रात कई छात्राओं को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर उन्हें परेशान करता था. इन दो ईमेल ने इस पूरे मामले को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई.

17 छात्राओं ने चैतन्यानंद के खिलाफ शिकायत की

इन दो ईमेल मिलने के बाद, संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने कार्रवाई की और 3 अगस्त को 30 से अधिक महिला छात्रों के साथ एक ऑनलाइन मीटिंग की. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज की गई। इन 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से कम से कम 17 छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, अश्लील मैसेज भेजने और जबरन संबंध बनाने का आरोप लगाया. ज्यादातर पीड़ित छात्राएं EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की थीं और कुछ सैन्य अधिकारियों की बेटियां थीं.

एफआईआर में इंस्टीट्यूट की तीन महिला कर्मचारियों के भी नाम

इन छात्राओं की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति खराब होने के कारण वे चैतन्यानंद की मांगों को मानने के लिए मजबूर थीं. छात्राओं ने यह भी बताया कि आरोपी और उसके साथियों ने पीड़ित छात्राओं के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने पास रख लिए थे, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया. इस डर से छात्राएं चुप रहीं. FIR में संस्थान की तीन महिला कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें से एक एसोसिएट डीन थी. इन तीनों महिलाओं पर छात्राओं को चैतन्यानंद की मांगें मानने के लिए मजबूर करने और छात्राओं की शिकायतों को अनदेखा करने का आरोप है. विरोध करने वाले छात्रों को फेल करने या उनकी स्कॉलरशिप रद्द करने की धमकी दी गई.

“मैं तुमसे प्यार करता हूं,” चैतन्यानंद ने 21 साल की छात्रा से कहा

21 साल की पीड़ित छात्रा ने पूरी घटना बताई और अपने बुरे अनुभव के बारे में बताया. उसने कहा कि उसकी चैतन्यानंद से पहली मुलाकात पिछले साल हुई थी. उसका ऑफिस उसी बिल्डिंग की ग्राउंड फ्लोर पर था जहां उसकी क्लास होती थी. पीड़ित ने कहा, “पहली मुलाकात में उसने मुझे अजीब तरह से देखा और मुझे असहज महसूस हुआ. इसके बाद चैतन्यानंद ने मुझे मैसेज करना शुरू कर दिया.” पीड़ित ने आगे बताया कि चैतन्यानंद देर रात गलत मैसेज भेजने लगा. वह ऐसे मैसेज भेजता था, “बेबी, मैं तुमसे प्यार करता हूं,” “मुझे तुमसे प्यार है” और “आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो.”

छात्राओं को ऋषिकेश लेकर गया था चैतन्यानंद

जब पीड़ित ने इस बारे में एसोसिएट डीन को बताया तो उस पर चैतन्यानंद को जवाब देने का दबाव डाला गया. पीड़ित ने यह भी कहा कि विरोध करने और चैतन्यानंद की मांगों को मानने से मना करने पर उसे अटेंडेंस में गड़बड़ी का नोटिस मिला. इसके अलावा, जानबूझकर उसके एग्जाम पेपर में मार्क्स काट दिए गए. पीड़ित ने बताया कि एक बार उसे और कुछ अन्य छात्राओं को संस्थान द्वारा ऋषिकेश ले जाया गया था. वापस आते समय चैतन्यानंद ने पीड़ित और अन्य छात्राओं के बारे में गलत कमेंट किए. जब ​​उसने यह बात बताई तो टीचरों ने उसे चैतन्यानंद के साथ अपने चैट मैसेज डिलीट करने के लिए मजबूर किया. 

फरार चल रहा है चैतन्यानंद

चैतन्यानंद के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद उसने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस ने मजबूत जवाब देने के बाद उसने अपना आवेदन वापस ले लिया. इसके अलावा, कर्नाटक के श्रृंगेरी मठ से जुड़ा दिल्ली आश्रम, जहां चैतन्यानंद डायरेक्टर था, ने उसे पद से हटा दिया है. केस दर्ज होने के बाद से चैतन्यानंद फरार है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. वह आखिरी बार आगरा में देखा गया था, लेकिन वह पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार जगह बदल रहा है. आध्यात्मिक गुरु बनकर चैतन्यानंद ने जो घिनौने काम किए, वह न केवल कानूनी रूप से गलत है बल्कि समाज के लिए भी निंदनीय है.

अब तो गया पाकिस्तान! भारत ने लॉन्च  किया ऐसा मिसाइल, दुहाई मांगेंगे PM Shehbaz

Ashish kumar Rai

Recent Posts

भविष्य निर्माण के 5 गौरवशाली वर्ष: सार्वजनिक यूनिवर्सिटी मनाएगी स्थापना वर्ष का माहव्यापी उत्सव

1 जून से 30 जून तक शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित…

Last Updated: June 4, 2026 17:07:10 IST

एनजी ब्रांड की सूरत में दोबारा एंट्री, भव्य शुरुआत के साथ खुला एनजी मॉल

मॉल की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा समाजसेवा में होगा खर्च, गरीब मरीजों के उपचार…

Last Updated: June 4, 2026 16:52:07 IST

IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने…

Last Updated: June 3, 2026 20:22:09 IST

SBS University के छात्र, देश की Top Pharma Companies में

Copmed, Macleods, Intas, Enzene, Akums और 4 और कंपनियों ने SBS University के छात्रों को…

Last Updated: June 3, 2026 20:07:07 IST

UP Politics: अवध में ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेलेगी भाजपा? 2027 से पहले सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

UP Politics: अवध में 'ब्राह्मण कार्ड' की तैयारी में BJP? जानिए क्यों अचानक संगठन में…

Last Updated: June 3, 2026 18:41:28 IST