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भीख मांगना छोड़ अब बन गए बिजनेसमैन! दिल्ली सरकार के इस स्कीम ने बदल दिया सैंकड़ों भिखाड़ियों का जीवन

दिल्ली की सड़कों पर हाथ फैलाने वाले अब बन रहे हैं 'मालिक'! जानिए कैसे एक सरकारी स्कीम ने बदली 400 भिखारियों की तकदीर. क्या है पूरा मामला? अभी पढ़ें...

देश की राजधानी में भीख मांगने पर रोक लगाने के मकसद से चलाए गए एक सरकारी प्रोग्राम के तहत, पिछले डेढ़ साल में 400 से ज़्यादा भिखारियों को स्किल दी गई है और उनका पुनर्वास किया गया है। इनमें से कई अब स्ट्रीट वेंडर के तौर पर काम कर रहे हैं और सरकारी वेलफेयर स्कीम में शामिल हैं. SMILE स्कीम के तहत, दिल्ली सरकार ने लगभग 400 भिखारियों को ट्रेनिंग दी और शहर भर में काम कर रहे लगभग 4,000 भिखारियों की पहचान की, जिनमें से लगभग 21 प्रतिशत बुज़ुर्ग थे. यह प्रोसेस NGOs द्वारा भिखारियों की पहचान करने और उन्हें दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) द्वारा चलाए जा रहे आठ चुने हुए नाइट शेल्टर में भेजने से शुरू हुआ, जहाँ उनका मेडिकल चेक-अप, बेसिक ग्रूमिंग और काउंसलिंग की गई.

ज़्यादातर भिखारी 35 से 40 साल के बीच

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि उनमें से ज़्यादातर गरीबी, उम्र या अपने परिवारों से अलग होने की वजह से भीख मांगने लगे थे. कई बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों से आए थे, और ज़्यादातर की उम्र 35-40 साल से ज़्यादा थी. उन्होंने कहा कि उनकी उम्र और इच्छाओं को देखते हुए, स्किल ट्रेनिंग प्रैक्टिकल और रोज़ी-रोटी से जुड़े स्किल्स पर फोकस करती थी. उन्होंने कहा, “हमने उनमें से ज़्यादातर को स्ट्रीट वेंडर के तौर पर सब्ज़ियाँ या फल बेचने की ट्रेनिंग दी.’

स्ट्रीट वेंडिंग ट्रेनिंग दी गई, जबकि कुछ को खाना पकाने, घर के काम वगैरह की ट्रेनिंग मिली। उन्होंने कहा कि द्वारका और नजफगढ़ जैसे इलाकों में कई बेनिफिशियरी को ट्रेनिंग दी गई. उन्हें रिहैबिलिटेट किया गया, जहाँ उन्हें दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में स्ट्रीट वेंडर के तौर पर रजिस्टर भी किया गया. अधिकारी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन से उन्हें परेशानियों से बचने में मदद मिली और सरकारी क्रेडिट और पेंशन स्कीम तक उनकी पहुँच आसान हो गई. उन्होंने कहा कि एक बार रजिस्टर होने के बाद, उन्हें उनकी एलिजिबिलिटी के आधार पर अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और दूसरी सोशल सिक्योरिटी स्कीम से जोड़ा गया.

Shivani Singh

शिवानी सिंह पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हैं. उन्होंने पत्रकारिता में हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र से एमए की पढ़ाई पूरी की है. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने के बाद वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएं दे रही हैं. क्रिकेट से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, बिजनेस, सरकारी योजनाओं, पर्सनल फाइनेंस और मनोरंजन से जुड़े विषयों पर लेखन और कंटेंट तैयार करने का अनुभव है. ट्रेंडिंग खबरों पर भी उनकी खास नजर रहती है. जटिल विषयों को आसान और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.

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Shivani Singh

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