अपने पहले मॉडलिंग असाइनमेंट से 8,500 रुपये कमाने और एयर होस्टेस के रूप में काम करने से लेकर टॉप पंजाबी एक्ट्रेस बनने तक सोनम बाजवा का करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है.
सोनम बाजवा
सोनम बाजवा आज पंजाबी फिल्मों के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक हैं, लेकिन उन्हें ये मुकाम आसानी से नहीं मिला है. उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है. एक्ट्रेस बनने से पहले उन्होंने एयर होस्टेस के रूप में भी काम किया है. आज वह पंजाबी सिनेमा की बड़ी स्टार्स में से एक हैं, फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभा रही हैं.
आज सोनम बाजवा को बॉलीवुड में भी नाम और काम मिलने लगा है, लेकिन उन्हें एक समय पर काफी रिजेक्शंस झेलने पड़े थे. बता दें कि फिल्मों में आने से पहले सोनम बाजवा ने मॉडलिंग में भी काम किया है.
सोनम का जन्म 16 अगस्त 1989 को हुआ था. उन्होंने दिल्ली से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में एयर होस्टेस के रूप में काम करना शुरू किया. सोनम को मॉडलिंग में रुचि थी, जिसने उन्हें एक अलग राह तलाशने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने फेमिना मिस इंडिया 2012 में भाग लिया और इस तरह मनोरंजन जगत में कदम रखने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया.
सोनम के मॉडलिंग करियर की शुरुआत का आज की शोहरत और स्टारडम से कोई लेना-देना नहीं था. खबरों के मुताबिक, सोनम की मॉडलिंग की शुरुआती तनख्वाह मात्र 8,500 रुपये थी. हालांकि यह रकम बहुत कम थी, लेकिन इसने उनके करियर की नींव रखी, जिसने अप्रत्याशित रूप से पंजाबी फिल्मों की ओर रुख किया.
सोनम बाजवा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2013 में रिलीज़ हुई पंजाबी फिल्म ‘बेस्ट ऑफ लक’ से की, जिसमें उन्होंने गिप्पी ग्रेवाल के साथ अभिनय किया था. इसके बाद की फिल्मों ने उन्हें एक मॉडल से कहीं अधिक एक अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. ‘पंजाब 1984’, ‘सरदार जी 2’, ‘निक्का ज़ैलदार’, ‘मंजे बिस्तरे’, ‘कैरी ऑन जट्टा 2’, ‘गुड़ियां पटोले’, ‘अरदब मुटियारन’ और ‘हंसला रख’ जैसी फिल्मों ने सोनम को पंजाबी सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक बना दिया.
फिल्म ‘गुड्डियां पटोले’ में सोनम के बारे में अफवाह थी कि वह फिल्म की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री थीं, जो अपने पुरुष सह-कलाकारों से भी ज्यादा कमा रही थीं. उन्होंने लिंग के आधार पर असमान वेतन के बारे में बात करते हुए कहा कि भुगतान कलाकारों की प्रतिभा पर निर्भर होना चाहिए, न कि उनके लिंग पर. सोनम ने कई वर्षों के प्रयासों के बाद पंजाबी सिनेमा में इतना नाम कमाया था.
पंजाब में मिली सफलता का मतलब हिंदी सिनेमा में भी स्वतः सफलता नहीं था. सोनम ने अपने करियर के उस दौर के बारे में खुलकर बात की है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हिंदी सिनेमा के निर्देशक उन्हें पंजाबी फिल्मों से मिले अभिनय अनुभव के बजाय उनकी खूबसूरती के लिए ज्यादा पहचानते थे. सोनम ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के मन में यह धारणा इतनी गहरी बैठी हुई थी कि उन्हें कभी भी उन्हें अलग नजरिया दिखाने का मौका नहीं मिला.
उनकी असली चाहत एक ऐसा किरदार था जिसमें उन्हें अभिनय करने का मौका मिले, और इसीलिए बॉलीवुड में आने में उन्हें समय लगा. हाउसफुल 5, बागी 4 और एक दीवाने की दीवानियत जैसी फिल्मों के साथ ही उन्हें एक्टिंग करने का मौका मिला.
Fish scattered on the road: मुरादाबाद में दिल्ली रामपुर हाईवे पर मुंढापांडे जीरो पॉइंट के…
Kanpur female boxer death: कानपुर के महाराजपुर में हाईवे किनारे 26 वर्षीय महिला बॉक्सर और…
Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद के लोनी में 15 वर्षीय किशोर पर अपने 58 वर्षीय पिता…
Gautam Buddha Nagar Crime: पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले अनिल जेल में बंद था.…
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केन्दुझर में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और…
Mumbai local train fight: मुंबई की चर्चगेट-विरार लोकल ट्रेन में यात्रियों के बीच मारपीट का…