आपने ऐसे कई मामले सुने होंगे, जहां बाइक सवार चोरों ने राहगीरों को मोहरा बनाके उनके मोबाइल फोन की झपट्टेमारी की है. अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज वायरल होती रहती है, जिससे लोगों के बीच भी जागरुकता पैदा होती है, लेकिन कुछ लोग वीडियो और एवेयरनेस के बाद भी पब्लिक प्लेस और वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन यूज करते हैं, जिसका नतीजा या तो दुर्घटना, या फिर फोन की चोरी के रूप में देखा जाता है. ऐसा ही एक मामला 25 अप्रैल को यूपी के नवाबगंज में हुआ था, जहां बाइक सवार शातिरों ने न सिर्फ जमीन अहमद का फोन छीना, बल्कि चोरी के बाद पीड़ित के बैंक खाते से हजारों रुपये की हेर-फेर की. लेकिन अब ये सारे अपराधी पुलिस कस्टडी में हैं.
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 अप्रैल 2026 को पीड़ित जमील अहमद से दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल झपट लिया था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोबाइल के जरिए उसके बैंक खाते से करीब 55 हजार रुपये भी निकाल लिए थे।
पुलिस का तुरंत एक्शन
इस घटना की शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की दुल्लापुर क्रॉसिंग के पास से घेराबंदी कर दबिश की. इन आरोपियों की पहचान अहमद रजा अंसारी, साहिबे आलम और अब्दुल बली अंसारी के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से वीवो कंपनी का मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है. फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
साइबर सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
पुलिस ने सख्त कार्रवाई करके आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन आम जनता इस मामले को एक चेतावनी के रूप में लेगी तो आगे ऐसी घटनाएं कम देखने को मिलेंगी. क्योंकि ज्यादातर लोग फोन को लापरवाही से इस्तेमाल करते हैं. न फोन में सुरक्षा लॉक होते हैं और न ही सेफ्टी पिन, अपराधियों को जनता की यही लापरवाही रास आती है. इसी का नतीजा है कि आए दिन फोन स्नैचिंग के साथ-साथ बैंक फ्रॉड के मामले हो जाते हैं.
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