पानीपत पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशानुसार जिला में किसी भी लॉ एंड ऑडर की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में पुलिस के 428 जवानों की चार दंगा निरोधक कंपनी बनाई गई है। कंपनी में तैनात प्रत्येक जवान लाठी, डंडा, बॉडी प्रॉटेक्टर, कैन सिल्ड, हेल्मेट इत्यादी सभी प्रकार के एंटी राइट एक्यूपमेंट से लैस है। एक कंपनी में तीन अलग-अलग प्लाटून बनाकर जवानों को तैनात किया गया है। उक्त कंपनियों में तैनात जवान किसी भी लॉ एंड आर्डर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, और एक ही आदेश पर कम से कम समय में किसी भी स्थान पर लॉ एंड आर्डर सिचुएशन की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर नियुक्त किया जा सकता है।
India News (इंडिया न्यूज), Panipat Police : पानीपत पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के निर्देशानुसार जिला में किसी भी लॉ एंड ऑडर की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में पुलिस के 428 जवानों की चार दंगा निरोधक कंपनी बनाई गई है। कंपनी में तैनात प्रत्येक जवान लाठी, डंडा, बॉडी प्रॉटेक्टर, कैन सिल्ड, हेल्मेट इत्यादी सभी प्रकार के एंटी राइट एक्यूपमेंट से लैस है।
एक कंपनी में तीन अलग-अलग प्लाटून बनाकर जवानों को तैनात किया गया है। उक्त कंपनियों में तैनात जवान किसी भी लॉ एंड आर्डर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, और एक ही आदेश पर कम से कम समय में किसी भी स्थान पर लॉ एंड आर्डर सिचुएशन की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर नियुक्त किया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने मंगलवार को जिला सचिवालय परिसर में तीन कंपनियों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान पुलिस जवानों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन अपने आपको सुरक्षित महसूस करें। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के दौरान आमजन के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनका सहयोग लिया जाए तथा कानून से खिलवाड़ करने वाले असमाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाए। इस दौरान दंगा नियंत्रण के लिए स्थिति का आंकलन, नियंत्रण की पहली प्रक्रिया से लेकर कई अहम बिन्दुओं के बारें में गहनता से बताया गया। जवानों को दंगा या भीड़ को नियंत्रित करने में बरती जाने वाली सावधानियों बारे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि यदि भीड़ अनियंत्रित हो जाए तो ऐसी स्थिति में पुलिस अधिकारियों व जवानों को जहां तक हो सके मनोवैज्ञानिक तरीके से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा भीड़ को कानूनी नजरियें से अवगत करवाए की उनका यह प्रदर्शन व उग्र रुप गैर कानूनी है तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा की भीड़ व मजमे के दौरान पुलिस अफसर व जवानों को हमेशा शांत रहना चाहिए। इस दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश वत्स, सेना क्लर्क रविंद्र, इंस्पेक्टर बिजेंद्र, इंस्पेक्टर कलीराम व अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
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