शहर के जीटी रोड़ पर दो महीने पहले बनकर शुरु हुए 100 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर चारों ओर से शिकंजा कसे जाने से हस्पताल निदेशकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल एडीसी एवं जिला नगर आयुक्त डा. पंकज यादव के कड़े रुख के बाद नगर पालिका ने अस्पताल के स्वीकृत नक्शे को रद्द कर दिया है। एसडीएम कोर्ट में भी हस्पताल प्रबंधकों को हार का सामना करना पड़ा।
India News (इंडिया न्यूज), Panipat News : शहर के जीटी रोड़ पर दो महीने पहले बनकर शुरु हुए 100 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर चारों ओर से शिकंजा कसे जाने से हस्पताल निदेशकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल एडीसी एवं जिला नगर आयुक्त डा. पंकज यादव के कड़े रुख के बाद नगर पालिका ने अस्पताल के स्वीकृत नक्शे को रद्द कर दिया है। एसडीएम कोर्ट में भी हस्पताल प्रबंधकों को हार का सामना करना पड़ा।
इसी के साथ सीएम फ्लाइंग स्क्वाइड ने भी अस्पताल प्रबंधकों द्वारा पालिका भूमि पर अवैध कब्ज़ा होने व गलत ढंग से प्रॉपर्टी आईडी बनाने बारे तहसीलदार व पालिका सचिव को नोटिस भेजकर दोनों से जवाब तलब किया है। उधर शाम के समय सीएम फ्लाइंग के सब इंस्पेक्टर नगर पालिका पहुंचे और सचिव को रिकॉर्ड तलब करने को कहा जिस पर सचिव द्वारा कुछ दिन की मोहलत मांगी गई।
शिकायतकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल की भूमि के प्रबंधकों,भूमि विक्रेता,तहसीलदार व पालिका के एमई,जे ई आदि के खिलाफ़ जिला नगर आयुक्त डॉक्टर पंकज यादव, डीजीपी (सीएम फ्लाइंग स्क्वायड) आदि को सबूतों सहित शिकायत की थी। कपूर ने घोटाले में शामिल सभी लोगों पर फ़र्ज़ीवाड़े ,जालसाज़ी,हेरा फेरी का क्रिमिनल केस दर्ज कराने व करोड़ों रुपयों की पालिका भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने की मांग की थी।
पीपी कपूर ने शिकायत में हस्पताल प्रबंधकों पर करोड़ों रुपये की 635 वर्ग गज़ पालिका भूमि पर अवैध कब्ज़ा करने, पालिका अधिकारियों से मिलकर गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनवाने, गलत तरीके से पालिका भूमि सहित नक्शा स्वीकृत करवाने, स्वीकृत नक्शे के विपरीत अवैध निर्माण करने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था न करने, प्लॉट विक्रेता व क्रेता द्वारा तहसीलदार से मिलकर पालिका भूमि को अपना बता कर रजिस्ट्री कराने आदि के आरोप लगाए हुए हैं।
कपूर ने बताया कि गत 18 जुलाई को एडीसी एवं जिला नगर आयुक्त डा. पंकज यादव ने उनकी शिकायत पर सुनवाई के दौरान पालिका अधिकारियों व अस्पताल निदेशकों को कड़ी फटकार लगाते हुए एसडीएम को अस्पताल की रजिस्ट्री रद्द करने का केस बनाकर जिला उपायुक्त को स्वीकृति के लिए भेजने व अस्पताल के फ्रंट की पालिका भूमि पर कब्ज़ा लेकर चार दिवारी बनाने के फ़ोन पर आदेश दिए थे इसी बीच सीएम फ्लाइंग स्क्वाइड के इंस्पेक्टर राज सिंह ने पालिका सचिव व तहसीलदार को नोटिस भेज कर रिकॉर्ड सहित जवाब तलब करके शिकंजा कस दिया है, इससे हड़कंप मचा हुआ है।
सीएम फ्लाइंग स्क्वाइड के नोटिस का असर ये हुआ कि एसडीएम ने पालिका भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए अस्पताल निदेशकों की तमाम दलीलों को नकारते हुए नगरपालिका के हक में निर्णय कर दिया जबकि पिछले चार महीने से नगर पालिका द्वारा पालिका भूमि कब्ज़ा मुक्त करवाने के लिए पीपी एक्ट में दायर केस पर एसडीएम बार बार तारीखें लगा रहे थे ऑर्डर करने में टाल मटोल कर रहे थे। वही नगरपालिका सचिव ने मनीष शर्मा ने बताया कि कब्ज़ाई गई पालिका भूमि पर दीवार बनाकर कब्ज़ा लेने की डीसी वीरेंद्र दहिया से अनुमति प्राप्त कर ली है।
डीसी ने कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए बिजली विभाग के एसडीओ शिव कुमार को ड्यूटी मेजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया और पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इस बारे सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के सब इंस्पेक्टर राज सिंह ने बताया कि आरटीआई एक्टिविस्ट पी पी कपूर की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आज शाम के समय समालखा नगर पालिका पहुंचे और सचिव को रिकॉर्ड तलब करने को कहा गया जिस पर सचिव द्वारा कुछ दिन के लिए मोहलत मांगी गई। उधर इस बारे अस्पताल के डायरेक्टर धीरेंद्र से कई बार संपर्क करने पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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