यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था तो लोगों को पानी आने का डर सता रहा था, लेकिन अब वह काम होता जा रहा है जिसको लेकर आसपास के गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश कुछ जोड़ने वाले पुल के पास कुछ युवा ऐसे हैं जो पुल की दीवार पर खड़े होकर सेल्फी लेकर अपनी जान जोखिम में डालने का काम रहे हैं।
India News (इंडिया न्यूज), Haryana-Uttar Pradesh Bridge Become A Selfie Point : यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा था तो लोगों को पानी आने का डर सता रहा था, लेकिन अब वह काम होता जा रहा है जिसको लेकर आसपास के गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब हरियाणा और उत्तर प्रदेश कुछ जोड़ने वाले पुल के पास कुछ युवा ऐसे हैं जो पुल की दीवार पर खड़े होकर सेल्फी लेकर अपनी जान जोखिम में डालने का काम रहे हैं।
गौरतलब है कि कई दिनों से यमुना नदी उफान पर थी और यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से करीब 3 लाख 30 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने से आसपास के सभी गांव के लोगों के मन में यह डर हो रहा था कि कभी गांव में पानी न घुस जाए, हालांकि खेतों में तो पानी घुस गया, खेतों में तो राक्सेड़ा, हथवाला, बिलासपुर व अन्य कई गांव में यमुना के पानी से इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि हजारों एकड़ धान, गन्ना और मक्का की फसल के अलावा सब्जियों की भी फसल बर्बाद हो गई, कुल मिलाकर किसानों को यमुना नदी का खेतों में ज्यादा पानी आने के बावजूद भी आर्थिक रूप से काफी नुकसान हुआ है, हालांकि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि वह तुरंत प्रभाव से यहां हमारी खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवा कर उसका मुआवजा दिलाने का काम करें, ताकि हमने जो जमीन ने ठेके पर ले रखी हैं जमीन के मालिक को हम पैसा दे सकें।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला यमुना पुल अब सेल्फी पुल बन गया है, यहां दिन भर लोग आते हैं और उन में विशेष तौर से युवा वर्ग हैं जो यमुना के पुल पर खड़े होकर अलग-अलग तरह से सेल्फी लेने का काम कर रहे हैं, यानी इस तरह से वह सेल्फी लेने का काम कर रहे हैं निश्चित रूप से वह अपनी जान जोखन में डालने का काम कर रहे हैं। यमुना के पास वैसे तो प्रशासन की ओर से आदेश हैं कि कोई भी अपने पशुओं को चराने नहीं जाएगा, लेकिन इसके बावजूद भी यहां पशुओं को देखा गया है पशुपालक यहां पशुओं को चराने के लिए आए हुए हैं, यानी यह भी एक तरह से पशुओं और अपनी जान को भी खतरे में डालने का काम कर रहे हैं।
इस संदर्भ में जब उपमंडल अधिकारी अमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोई भी पशुपालक अपने पशुओं को यमुना की तरफ न लेकर जाए, क्योंकि अब तक पानी का कुछ नहीं पता कि अगर पानी ज्यादा आ जाए तो जान माल का नुकसान हो सकता है। उन्होंने सेल्फी लेने वाले युवाओं व अन्य लोगों से भी कहा कि वह इस तरह का कोई भी कार्य न करें, क्योंकि अगर वह पुल पर खड़े होकर सेल्फी लेंगे तो उनकी भी जान खतरे में जा सकती है, इसलिए कोई भी युवा और अन्य व्यक्ति अपनी कीमती जान को खतरे में डालने का काम नहीं करें।
यह भी बताने योग्य है की मौसम का अभी कोई यह पक्का पता नहीं है कि वह कैसा रहेगा, क्योंकि सुबह लोगों की नींद खुलती है तो कुछ हल्के बादल होते हैं, थोड़ी देर के बाद सूरज की तपन लोगों को परेशान करती है, और इतनी ज्यादा तेज धूप निकल आती है कि मई और जून का महीना भी पीछे रह जाता है और अगर घंटा या 2 घंटे बाद देखें तो बारिश आनी शुरू हो जाती है, फिर धूप निकल आती है, कुल मिलाकर अभी यह नहीं कहा जा सकता की मौसम खुल गया, अगर आसमां में देखे तो काले बादल इस तरह से छाए हुए हैं कि अब तेज बारिश आ सकती है।
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