विदेश में हरियाणा के युवकों की मौत होने के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला अमेरिका से सामने आया है जो करनाल से जुड़ा हुआ है। करनाल के गांव बाल राजपूताना के एक युवक की अमेरिका में बीमार होने के कारण मृत्यु होने की जानकारी मिली। जिसमें मृतक के भाई मिट्ठू ने बताया कि मेरा बड़ा भाई सन्नी अप्रैल 2024 में कनाडा में गया था। उसके बाद वह 3 महीने कनाडा में रहकर अमेरिका चला गया। 9 अगस्त को फोन आया कि वह चक्कर खाकर गिर गया। उसको उसके मित्र द्वारा से स्करामेटो कलोकोनिया हस्पताल में दाखिल किया गया।
करनाल-इशिका ठाकुर, Karnal Youth Died In America : विदेश में हरियाणा के युवकों की मौत होने के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला अमेरिका से सामने आया है जो करनाल से जुड़ा हुआ है। करनाल के गांव बाल राजपूताना के एक युवक की अमेरिका में बीमार होने के कारण मृत्यु होने की जानकारी मिली। जिसमें मृतक के भाई मिट्ठू ने बताया कि मेरा बड़ा भाई सन्नी अप्रैल 2024 में कनाडा में गया था। उसके बाद वह 3 महीने कनाडा में रहकर अमेरिका चला गया। 9 अगस्त को फोन आया कि वह चक्कर खाकर गिर गया। उसको उसके मित्र द्वारा से स्करामेटो कलोकोनिया हस्पताल में दाखिल किया गया।

2 दिन तक बोलता रहा बाद में उसे कोमा में ले जाया गया। जहां पर 23 अगस्त को डॉक्टर ने मृतक घोषित कर दिया । वहां उसके दोस्तों ने बताया कि उसकी किडनी फेल होने के कारण उसकी मौत हो गई । काफी देखरेख करने के बाद वह उनका बचा नहीं सके। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने भाई को भेजने में 40 लाख रुपए लगाकर विदेश भेजा । यह पैसे रिश्तेदारों व प्लांट बेचकर बैंक से लोन कर इस बड़ी रकम को लगाया। परंतु यह रकम अभी चुकाई भी नहीं थी कि उसके भाई के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया।
जिसको सुनकर उसकी पत्नी को बार-बार दौरे पड़ने लगे। मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वह अपने पीछे 4 वर्षीय लड़का 11 वर्षीय लड़की को छोड़कर चले गए। 15 वर्ष पहले पिता की मृत्यु हो चुकी थी । तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था । उसके छोटे भाई ने बताया कि उसके बड़े भाई के भी दो ऑपरेशन हो चुके हैं । वह अपने परिवार की हालत सुधारने के लिए इतना बड़ा रिस्क लिया जो उसके काम नहीं आया। उन्होंने बताया कि उसके भाई ने बीए पास की थी। यहां पर खेती का कार्य करता था।

अन्य युवकों की तरह बाहर जाने की लगन लगी और लगन को पूरा करने के लिए अमेरिका पहुंच गया। मैं अपने करियर पर जाने लगा अभी उसने वहां नागरिकता लेने के लिए अपने कागज लगाए ही थे कि वह बीमार हो गया। 2 दिन तक सभी से बातचीत करता रहा। जैसे उसकी मृत्यु की बात का पता परिवार जनों को लगा गांव में यह बात फैल गई और गांव वासी व रिश्तेदारों का घर में पता लेने के लिए लोग इकट्ठा होने लगे। सारा परिवार व रिश्तेदार सदमे में है। परिवार मेरी रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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