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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > UP Human Trafficking Case: सब्जी-भाजी की तरह चंद रुपयों में बेच दी नाबालिग लड़की, करवाता था गंदा काम, फिर ढाई महीने बाद…

UP Human Trafficking Case: सब्जी-भाजी की तरह चंद रुपयों में बेच दी नाबालिग लड़की, करवाता था गंदा काम, फिर ढाई महीने बाद…

UP Human Trafficking Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में झारखंड की एक नाबालिग लड़की को 25,000 रु. में बेच दिया गया. पुलिस ने ट्रेसिंग के माध्यम से लड़की का पता लगाया, जिसके बाद सच का खुलासा हुआ.

Written By: Shivangi Shukla
Edited By: Gaurav Verma
Last Updated: 2026-04-14 12:26:37

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UP Human Trafficking Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में घटित एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ झारखंड की एक 16 साल की नाबालिग लड़की को बहला‑फुसलाकर यूपी लाया गया और वहां मात्र 25 हजार रुपये में बेच दिया गया. 

पीड़िता झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की रहने वाली है. पीड़िता के गायब होने के बाद से उसका परिवार उसे तलाशता रहा, लेकिन वह 25 हजार के सौदे में एक दलाल और खरीददार के चंगुल में फंस गई.  

क्या है पूरा मामला 

चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अवधेश कुमार ने सोमवार को पीटीआई को बताया कि लड़की इस साल 20 जनवरी को अपनी बड़ी बहन के साथ स्कूल जा रही थी, तभी किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई. पीड़िता ने गुस्से में अपनी बड़ी बहन को बीच रास्ते में ही छोड़ दिया और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन की ओर चल पड़ी.

बताया गया है कि यह दलाल चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर भटकती हुई लड़की को देखकर उस पर ही नज़र गड़ाए बैठा था. उसने लड़की को यूपी के बेहतर भविष्य, अच्छी नौकरी और अच्छे जीवन का झांसा दिया और ट्रेन से उसे उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के इनायतपुर ले गया. वहां उसने एक आरोपी किशोरी लाल कुइरी से संपर्क किया, जिसने अपने पड़ोसी संदीप कुमार को इस “सौदे” में शामिल कर दिया. संदीप कुमार ने बच्ची को खरीदने के लिए अपनी ढाई डिसमिल जमीन तक गिरवी रख दी और 25 हजार रुपये का भुगतान कर उसे खरीद लिया.  

ढाई महीने तक फंसी रही पीड़िता 

इन दोनों के चंगुल में फंसी यह नाबालिग लड़की लगभग ढाई महीने तक उनके घर में बंधक रही, जहां उसके साथ न सिर्फ शारीरिक उत्पीड़न हुआ, बल्कि उसे बार‑बार ज़्यादती और प्रताड़ना का शिकार भी बनना पड़ा. पुलिस ने बताया कि लड़की के शरीर पर जलने, बर्न्ट‑स्किन जैसे कई निशान हैं, जो इस बात की गवाही देते हैं कि उसे बहुत दुर्बल और अनसुरक्षित स्थिति से गुज़रना पड़ा. जब लड़की घर नहीं लौटी तो उसकी मां और बहन ने अथक खोजबीन की, फिर जब वह कहीं नहीं मिली, तो उन्होंने 2 अप्रैल को चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया.  

पुलिस की जांच में मामला आया सामने 

तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने लड़की का लोकेशन उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ट्रेस किया. फिर अधिकारी ने इनायतपुर में छापेमारी कर लड़की को इन दोनों आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया और खरीदने वाले संदीप कुमार और दलाल किशोरी लाल कुइरी से गिरफ्तार कर लिया. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पीड़िता अब अपने परिवार के पास है और उसकी मेडिकल रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है, ताकि यौन उत्पीड़न की घटना की पुष्टि के आधार पर मामले में और सख्त धाराएं जोड़ी जा सकें.

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Last Updated: 2026-04-14 12:26:37

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UP Human Trafficking Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में घटित एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ झारखंड की एक 16 साल की नाबालिग लड़की को बहला‑फुसलाकर यूपी लाया गया और वहां मात्र 25 हजार रुपये में बेच दिया गया. 

पीड़िता झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की रहने वाली है. पीड़िता के गायब होने के बाद से उसका परिवार उसे तलाशता रहा, लेकिन वह 25 हजार के सौदे में एक दलाल और खरीददार के चंगुल में फंस गई.  

क्या है पूरा मामला 

चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अवधेश कुमार ने सोमवार को पीटीआई को बताया कि लड़की इस साल 20 जनवरी को अपनी बड़ी बहन के साथ स्कूल जा रही थी, तभी किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई. पीड़िता ने गुस्से में अपनी बड़ी बहन को बीच रास्ते में ही छोड़ दिया और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन की ओर चल पड़ी.

बताया गया है कि यह दलाल चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर भटकती हुई लड़की को देखकर उस पर ही नज़र गड़ाए बैठा था. उसने लड़की को यूपी के बेहतर भविष्य, अच्छी नौकरी और अच्छे जीवन का झांसा दिया और ट्रेन से उसे उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के इनायतपुर ले गया. वहां उसने एक आरोपी किशोरी लाल कुइरी से संपर्क किया, जिसने अपने पड़ोसी संदीप कुमार को इस “सौदे” में शामिल कर दिया. संदीप कुमार ने बच्ची को खरीदने के लिए अपनी ढाई डिसमिल जमीन तक गिरवी रख दी और 25 हजार रुपये का भुगतान कर उसे खरीद लिया.  

ढाई महीने तक फंसी रही पीड़िता 

इन दोनों के चंगुल में फंसी यह नाबालिग लड़की लगभग ढाई महीने तक उनके घर में बंधक रही, जहां उसके साथ न सिर्फ शारीरिक उत्पीड़न हुआ, बल्कि उसे बार‑बार ज़्यादती और प्रताड़ना का शिकार भी बनना पड़ा. पुलिस ने बताया कि लड़की के शरीर पर जलने, बर्न्ट‑स्किन जैसे कई निशान हैं, जो इस बात की गवाही देते हैं कि उसे बहुत दुर्बल और अनसुरक्षित स्थिति से गुज़रना पड़ा. जब लड़की घर नहीं लौटी तो उसकी मां और बहन ने अथक खोजबीन की, फिर जब वह कहीं नहीं मिली, तो उन्होंने 2 अप्रैल को चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया.  

पुलिस की जांच में मामला आया सामने 

तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने लड़की का लोकेशन उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में ट्रेस किया. फिर अधिकारी ने इनायतपुर में छापेमारी कर लड़की को इन दोनों आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया और खरीदने वाले संदीप कुमार और दलाल किशोरी लाल कुइरी से गिरफ्तार कर लिया. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि पीड़िता अब अपने परिवार के पास है और उसकी मेडिकल रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है, ताकि यौन उत्पीड़न की घटना की पुष्टि के आधार पर मामले में और सख्त धाराएं जोड़ी जा सकें.

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