Kuldeep Maity: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदल गई है. कई बिजनेसमैन रोजगार पैदा करने के लिए उत्सुक हैं. ममता बनर्जी 15 साल तक सत्ता में थीं और TMC की वजह से कई बिजनेसमैन बिजनेस करने से हिचकिचा रहे थे. आपको याद होगा कि ममता बनर्जी ने टाटा नैनो प्रोजेक्ट से बंगाल की राजनीति में तूफान ला दिया था और 35 साल पुरानी लेफ्ट सरकार को हटा दिया था. लेकिन 15 साल में बंगाल में बिजनेस को लेकर कोई काम नहीं हुआ. इसी बीच मई 2026 में ममता बनर्जी की सरकार चली गई और BJP की सरकार बन गई. हर कोई सत्ता के साथ जाना चाहता है. इन सबके बीच एक नाम सामने आ रहा है.
धीरे-धीरे लागू हो रही है सरकार की कई योजनाएं
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बन गई है और केंद्र सरकार की कई योजनाएं धीरे-धीरे लागू हो रही है. ऐसी संभावना है कि वीएफएस कैपिटल कोलकाता के एमडी और सीईओ कुलदीप माइती भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन या केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजदूगी में बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं. इतना ही नहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि भारतीय जनता पार्टी कुलदीप माइती को राज्यसभा भेज सकती है.
दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के साथ हर दल के बड़े नेता जुड़ कर काम कर रहे हैं. सत्ता और संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं. माइती की सोच भी इसी राह पर हैं. कोलकाता एक समय व्यापार को सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था. माइती इसी सोच के साथ भाजपा से जुड़ कर देश और राज्य की सेवा करने को आतुर हैं.
कौन हैं कुलदीप माइती
पूर्वी भारत की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस संस्था वीएफएस कैपिटल के पीछे एक दूरदर्शी नाम है कुलदीप माइती. वह कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.माइती एक सोशल एंटरप्रेन्योर और समाजसेवी हैं. उन्होंने वीएफएस कैपिटल को आज पूर्वी भारत की नंबर 1 माइक्रोफाइनेंस कंपनी बनाने में अहम भूमिका निभाई है.
कहां से की पढ़ाई?
वह सा-धान के बोर्ड मेंबर, विलेज वेलफेयर सोसाइटी के सहायक सचिव और वेस्ट बंगाल माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन्स एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य भी हैं. उनका मुख्य उद्देश्य देश के गरीब और वंचित लोगों, खासकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर गरीबी दूर करना है. माइती के पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल सेक्टर में दो मास्टर डिग्री के साथ डॉक्टरेट की उपाधि भी है.
वे पिछले 20 सालों से देश के कमजोर वर्ग को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने का काम कर रहे हैं. वीएफएस कैपिटल आज 14 राज्यों में लगभग 280 शाखाओं के जरिए 4 लाख से ज्यादा महिला उधारकर्ताओं को सेवा देता है.
50 नई शाखाएं खोलने की योजना
इसी साल 50 नई शाखाएं खोलने की योजना है. महामारी के बाद वीएफएस अब किफायती हाउसिंग लोन और MSME लोन पर भी ध्यान दे रहा है. वीएफएस स्मॉल फाइनेंस बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाली 72 कंपनियों में शामिल थी. श्री माइती का मानना है कि बैंक बनने से वे अपने 92% ग्राहकों को डिपॉजिट की सुविधा दे पाएंगे.
कई पुरस्कारों से सम्मानित
अपने काम और नेतृत्व के लिए माइती को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. वीएफएस कैपिटल का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 24.17% है और इसे MFI(I) ग्रेड में ‘A minus’ रेटिंग मिली है. वीएफएस कैपिटल लिमिटेड, जिसे पहले विलेज फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, का मुख्यालय कोलकाता में है. कुलदीप माइती के नेतृत्व में वीएफएस कैपिटल का मिशन आज भी वही है – टिकाऊ वित्तीय समाधानों से वंचित लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना.