Katni News: जिले के बहोरीबंद क्षेत्र के बचैया सेक्टर अंतर्गत ग्राम नीमखेड़ा में खुले बिजली तारों ने बड़ा हादसा कर दिया. करंट की चपेट में आने से तीन ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. आनन-फानन में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुए है. उधर, घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. अगर प्रशासन समय पर चेत जाता तो घटना होने से बच जाती.
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, गांव में बिजली का तार पिछले कुछ दिनों से टूटा हुआ पड़ा था. ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बिजली विभाग के लाइनमैन और संबंधित अधिकारियों को पहले ही सूचना दी गई थी, लेकिन समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया. इसी बीच अचानक करंट प्रवाहित होने से तीन लोग इसकी चपेट में आ गए. हादसे में मुकेश रजक (30 वर्ष), राजेश चक्रवर्ती (45 वर्ष) और संजू चौधरी (निवासी नीमखेड़ा) गंभीर रूप से झुलस गए. करंट का झटका इतना तेज था कि घायलों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल उपचार के लिए बहोरीबंद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है.
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस हादसे के बाद बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते टूटे तारों की मरम्मत कर दी जाती, तो यह घटना टल सकती थी. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है.
(Disclaimer : The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.)