<

Property Registry Rule: MP में प्रॉपर्टी लेना हुआ आसान, रजिस्ट्री के साथ नामांतरण और जल्द अपडेट होगा रिकॉर्ड

Property Registry Rule: मध्य प्रदेश में घर, दुकान, प्लॉट या ज़मीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. अप्रैल 2026 से शुरू होकर नामांतरण (म्यूटेशन/स्वामित्व में बदलाव) का विकल्प प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के समय ही उपलब्ध होगा. अगर खरीदार सहमत होता है, तो मामला रजिस्ट्रेशन के कागज़ों के साथ अपने-आप तहसील कार्यालय को भेज दिया जाएगा. इसके बाद म्यूटेशन एक तय समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा और राजस्व रिकॉर्ड उसी के अनुसार अपडेट कर दिए जाएंगे.

Property Registry Rule: मध्य प्रदेश में घर, दुकान, प्लॉट या ज़मीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. अप्रैल 2026 से शुरू होकर नामांतरण (म्यूटेशन/स्वामित्व में बदलाव) का विकल्प प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के समय ही उपलब्ध होगा. अगर खरीदार सहमत होता है, तो मामला रजिस्ट्रेशन के कागज़ों के साथ अपने-आप तहसील कार्यालय को भेज दिया जाएगा. इसके बाद म्यूटेशन एक तय समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा और राजस्व रिकॉर्ड उसी के अनुसार अपडेट कर दिए जाएंगे. अब तहसील कार्यालय में अलग से जाने, आवेदन जमा करने या महीनों तक इंतज़ार करने की कोई जरूरत नहीं होगी.

यह सुविधा केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत लागू की जा रही है. राज्य सरकार पिछले लगभग एक साल से इस पहल की तैयारी कर रही है. जहां कृषि भूमि के लिए यह प्रणाली पहले ही शुरू की जा चुकी है, वहीं अब गैर-कृषि प्रॉपर्टीज़ (शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह की रियल एस्टेट) के लिए भी जमीनी काम शुरू हो रहा है. उम्मीद है कि यह पूरी प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी.

ऑटो-म्यूटेशन कैसे काम करेगा?

रजिस्ट्रेशन के समय जब खरीददार सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में होगा, तो उससे पूछा जाएगा कि क्या आप प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ स्वामित्व के म्यूटेशन का विकल्प भी चुनना चाहेंगे? अगर खरीदार हां में जवाब देता है, तो रजिस्ट्रेशन के कागज डिजिटल रूप से तहसील कार्यालय को भेज दिए जाएंगे. तहसील प्रणाली के भीतर अपने-आप एक केस फाइल बन जाएगी और म्यूटेशन की प्रक्रिया तय समय-सीमा (आमतौर पर 30 से 45 दिन) के भीतर पूरी हो जाएगी. नए मालिक का नाम खसरा और खतौनी (भूमि स्वामित्व और खेती के रिकॉर्ड) में अपडेट कर दिया जाएगा. खरीदार को अब अलग से फ़ॉर्म भरने, फ़ोटो लगाने या तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी. इसके अलावा  आधार लिंकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के एकीकरण से धोखाधड़ी वाले म्यूटेशन और डुप्लीकेट प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगेगी.

इसके क्या फ़ायदे होंगे?

पहले म्यूटेशन की प्रक्रिया में 6 महीने से लेकर 2 साल तक का समय लग सकता था. अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के 30 से 45 दिनों के अंदर यह काम पूरा हो जाएगा. मतलब समय की बचत होगी. एक ही एकीकृत डेटाबेस से जुड़ने से जमीन के एक ही टुकड़े को कई बार (दो या तीन बार) बेचने के मामले लगभग खत्म हो जाएंगे. मतलब धोखाधड़ी की रोकथाम हो सकेगी. खसरा-खतौनी रिकॉर्ड और असल रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ों के बीच की विसंगतियां दूर हो जाएंगी. ज़मीन से जुड़े विवादों में 60–70% की कमी आने की उम्मीद है. आधार और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के इस्तेमाल से सिर्फ़ प्रॉपर्टी का असली मालिक ही लेन-देन कर पाएगा. सरकार को भी फायदे होंगे. इस पहल से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस में पारदर्शिता आएगी, साथ ही अवैध लेन-देन पर भी रोक लगेगी.

अब तक की प्रगति और समय-सीमा

खेती की ज़मीन के रिकॉर्ड के ऑटोमैटिक म्यूटेशन (नामांतरण) की व्यवस्था पहले से ही लागू है. गैर-खेती वाली प्रॉपर्टी (शहरी और ग्रामीण दोनों) के लिए, तहसील और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को अभी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है. इस व्यवस्था को अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू करने की योजना है. 2026 के आखिर तक सभी तहसील और रजिस्ट्रेशन कार्यालय 100% डिजिटल रूप से आपस में जुड़ जाएंगे. राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से विशेष फ़ंड भी हासिल किया है. 

जनता और विशेषज्ञों की राय

भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के जौहरियों और रियल एस्टेट पेशेवरों ने इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि प्रॉपर्टी म्यूटेशन की प्रक्रिया में देरी की वजह से अक्सर खरीदारों और विक्रेताओं के बीच विवाद होते थे. अब यह प्रक्रिया ज़्यादा आसान और तेज़ हो जाएगी. जमीन विवादों के विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में ऐसे 60–70% विवाद ज़मीन के रिकॉर्ड में विसंगतियों की वजह से होते हैं. सभी कार्यालयों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत करने से यह समस्या लगभग खत्म होने की उम्मीद है. यह बदलाव ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है. अप्रैल से शुरू होकर पूरे राज्य में घरों, दुकानों और ज़मीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया और भी ज़्यादा सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो जाएगी.

Share
Published by

Recent Posts

Greater Noida: हिंडन नदी में युवती ने लगाई छलांग, लड़की के कूदते ही युवक भी कूदा, घरवालों से इस बात पर नाराज थी संजना

ग्रेटर नोएडा में कुलेसरा की रहने वाली 19 वर्षीय युवती संजना शनिवार रात हिंडन पुल…

Last Updated: August 30, 2026 20:21:44 IST

मच्छर भगाने से पहले रोकें उनका पनपना, बारिश में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये तरीके

Protection from mosquitoes in rain: बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़…

Last Updated: August 30, 2026 20:09:25 IST

श्रीलंका से छिनी महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, अब टीम की एंट्री पर भी संकट, ICC के फैसले से बढ़ी मुश्किल

Womens Champions Trophy 2027: ICC ने श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी दखलंदाजी के चलते 2027 महिला…

Last Updated: August 30, 2026 19:36:33 IST

एवरेस्ट और लालजी गोधू के हींग पाउडर की क्वालिटी खराब, FSSAI ने बिक्री पर लगाई रोक, जांच में पाई गईं कई गड़बड़ियां

एवरेस्ट और लालजी गोधू के हींग पाउडर की गुणवत्ता में कई खामियां पाई जाने के…

Last Updated: August 30, 2026 19:12:32 IST

Nepal Floods: कुदरत का करिश्मा! मलबे में 3 दिन तक दबी रही मासूम, आपदा राहत दल ने निकाला जीवित, उपचार जारी

नेपाल में बाढ़ के मलबे के नीचे एक 6 साल की बच्ची तीन दिन तक…

Last Updated: August 30, 2026 17:48:00 IST