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टेम्पो ड्राइवर से राजनेता बनने का सफर, ओम प्रकाश राजभर ने बसपा छोड़ क्यों बनाई अपनी पार्टी?

UP Election 2027: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर पहले बसपा में थे. लेकिन भदोही का नाम बदलकर संत कबीर नगर करने पर ओम प्रकाश राजभर ने बसपा छोड़ दिया और अपनी पार्टी सुभासपा बनाई.

Om Prakash Rajbhar Journey: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख 60 वर्षीय ओम प्रकाश राजभर का जीवन इस कहावत का सटीक उदाहरण है कि मुसीबतें अक्सर कुछ अच्छा ही सिखाती हैं. अपने शुरुआती दिनों में घोर गरीबी का सामना करने वाले ओम प्रकाश राजभर पूरी तरह से राजनीति में आने से पहले वाराणसी में एक ऑटो-रिक्शा चालक थे. एक इंटरव्यू के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कहा था कि ऑटो चलाते-चलाते सरकार चलाने लग गया.

इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि जब मैं पढ़ाई कर रहा था, हमारे सामने बहुत सारी आर्थिक चुनौतियां थीं. मैं दूसरों से किताबें उधार लेता था और अपने चचेरे भाइयों से उधार लिए हुए कपड़े पहनता था.

पैदल हीं जाते थे स्कूल

इंटरमीडिएट (कक्षा 12) तक मैं पैदल ही स्कूल जाता था और कॉलेज में जाकर मुझे साइकिल मिली. मेरे पिता के पांच भाई थे, लेकिन जब परिवार अलग हुआ तो हम और भी ज्यादा गरीबी की चपेट में आ गए और हमें काम करना शुरू करना पड़ा. इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि मैं 1350 वर्ग फीट खेत जोतता था और वह भी स्कूल जाने से पहले. राजभर ने बताया कि अपनी पढ़ाई और परिवार का खर्च उठाने के लिए उन्होंने 1981 से 1983 के बीच ढाई साल तक अपने गृह नगर वाराणसी की सड़कों पर ऑटो-रिक्शा चलाया. वो रात में ऑटो रिक्शा चलाते थे और सुबह स्कूल जाते थे.

क्यों छोड़ी बसपा?

बताया जा रहा है कि ओम प्रकाश राजभर ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम से प्रभावित होकर वर्ष 1981 में सक्रिय राजनीति में एंट्री की, जिसके बाद वह बहुजन समाज पार्टी के सिपाही बनकर क्षेत्र में काम करने लगे. इसके बाद, वर्ष 1996 में ओपी राजभर को बसपा का जिलाध्यक्ष बनाया गया. ओम प्रकाश राजभर मायावती के साथ कदम से कदम मिलाकर पार्टी के लिए काम कर रहे थे. लेकिन फिर साल 2001 में भदोही का नाम बदलकर संत कबीर नगर रखने से नाराज हो गए.

कब बनाई अपनी पार्टी?

ओम प्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर, 2002 में बसपा से अलग होकर अपनी पार्टी सुभासपा को स्थापित किया. इसके बाद साल 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में ओपी राजभर ने उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने प्रत्याशी उतारे, लेकिन निराशा हाथ लगी. इस चुनाव के दौरान राजभर एक भी सीट जीत नहीं सकें.

Sohail Rahman

सोहेल रहमान, जो पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति और खेल के मुद्दे पर लिखना काफी पसंद है. इसके अलावा, देश और दुनिया की खबरों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में लोगों तक पहुंचाने का माद्दा रखते हैं. ITV Network में 24 अगस्त, 2024 से अपनी सेवा दे रहे हैं. इससे पहले, इंशॉट्स में करीब 5 साल अपनी सेवा दी है.

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