प्रयागराज में रहने वाली 4 साल की छोटी-सी बच्ची ने महज 21 मिनट 28 सेकंड में 900 मीटर लंबी यमुना को तैरकर पार कर लिया. सत्या बचपन से ही तैराकी का प्रशिक्षण ले रही हैं और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की तैराक बनना चाहती हैं.
4 साल की छोटी-सी बच्ची ने पार की यमुना नदी
Uttar Pradesh News: कहा जाता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया है प्रयागराज में रहने वाली 4 साल की एक छोटी-सी मासूम सत्या ने. इस छोटी-सी बच्ची ने महज 21 मिनट 28 सेकंड में 900 मीटर लंबी यमुना को तैरकर पार कर लिया.
हर कोई उनकी प्रतिभा देखकर दंग है. सत्या बचपन से ही तैराकी का प्रशिक्षण ले रही हैं और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की तैराक बनना चाहती हैं. उनकी इस काबिलियत को देखकर हर कोई उन्हें छोटा पैकेट बड़ा धमाका कह रहे हैं.
यमुना नदी जोकि गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है, उसे इतनी कम उम्र में तैरकर पार करना आसान बात नहीं है. लेकिन सत्या ने 21 मिनट 28 सेकंड में 900 मीटर लंबी यमुना को तैरकर पार कर लिया. सत्या कहती है, “मुझे पानी से बिल्कुल भी डर नहीं लगता. तैरना मुझे बहुत पसंद है.” सत्या रोजाना लगभग 2 से 3 घंटे तक यमुना नदी में प्रैक्टिस करती है. इसके साथ ही वो पढ़ाई भी करती है. सत्या के माता-पिता भी अपनी बेटी को एक बेहतरीन तैराक बनाना चाहते हैं. मां शिवानी का सपना है कि उनकी बेटी एक दिन नेशनल स्तर की तैराक बने, इसलिए वे भी उसे पूरा सहयोग दे रही हैं.
यमुना नदी लगभग 855 मील लंबी है. यह गंगा नदी की सबसे बड़ी और सबसे लंबी दाहिनी सहायक नदी है, जो उत्तराखंड के बंदरपुंछ शिखरों में स्थित यमुनात्री हिमनद से निकलती है और कई राज्यों से बहते हुए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में गंगा में मिल जाती है. यह नदी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश से होकर बहती है. इसकी प्रमुख सहायक नदियां चंबल, बेतवा, केन और हिंडन हैं.
Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा में दशहरे के दिन एक परिवार की खुशियां छिन…
वर्ल्ड रिकॉर्ड वाले डांडिया नवरात्रि में गुरु-आचार्य, मेयर, अधिकारियों और भाजपा के गुजरात संगठन महामंत्री…
Shiva Sharma Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के बाद से उसकी कथित…
JNU Students Hunger Strike: JNU में पिछले 17 दिनों से चल रही छात्रों की भूख…
Delhi Cockroach Effigy: दिल्ली के पीतमपुरा में दशहरे से पहले रावण के पुतले के साथ…
पहल का उद्देश्य स्कूलों, उच्च शिक्षा संस्थानों और कार्यस्थलों में डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना…