आज हम आपको एक ऐसे गैंगस्टर की कहानी बता रहे हैं, जो असल में एक शिक्षक बनना चाहता था. लेकिन फिर उसने बंदूक उठा ली और गैंगस्टर बन गया. बताया जाता है कि उसने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी, जिसने उसकी शादी करवाई थी. चलिए जानते हैं उसके बारे में.
कौन था आनंदपाल सिंह?
आनंदपाल सिंह राजस्थान के नागौर जिले का मूल निवासी था. वह शेखावाटी गिरोह के सरगना के रूप में, पूरे राजस्थान में कुख्यात था. कहा जाता है कि आनंदपाल और उसके गिरोह के उदय के पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्रतिशोध, जाति, राजनीतिक संरक्षण और जबरन वसूली सबसे महत्वपूर्ण हैं. वह दीदवाना, जयपुर, सीकर, सुजानगढ़, चूरू, सांगानेर आदि में दो दर्जन से अधिक मामलों में संलिप्त था और दीदवाना (नागौर) के जीवन राम गोदारा हत्याकांड और सीकर जिले के गोपाल फोगावत हत्याकांड जैसे हाई-प्रोफाइल हत्या मामलों में भी मुख्य आरोपी था.
शिक्षक बनने आया था बना गैंगस्टर
आनंदपाल सिंह के पास बी.एड की डिग्री थी. वह पढ़ाई में काफी अच्छा था. उसका सपना था कि वह शिक्षक बने. इसके बाद उसने राजनीति की दुनिया में कदम रखा. साल 2000 में आनंद पाल ने चुनाव लड़ा और जीत गया. हालांकि पंचायत समिति के चुनाव में हार गया.
दोस्त की कर दी हत्या
बताया जाता है कि जिस दोस्त ने आनंदपाल सिंह की शादी कराई थी. उसी की उसने गोली मारकर हत्या कर दी थी. साल 2006 में उसने राम गोदारा नाम के दोस्त को जान से मार डाला था. इसके बाद आनंदपाल सिंह पर हत्या, लूट, डकैती जैसे 24 अपराधों पर केस दर्ज थे.
पुलिस को चमका देकर भागा
साल 2015 में बड़ा कांड हुआ था, जिसके चलते उसे पुलिस ने पकड़ लिया था. लेकिन फिर चंद महीनों बाद ही वह पुलिस को बेहोशी की दवाई देकर भाग गया. इसके बाद से पुलिस उसे ढूढ़ रही थी.
पुलिस ने किया एनकाउंटर
पुलिस ने 24 जून 2017 को एक ऑपरेशन चलाया और आनंदपाल सिंह को मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद बहुत बवाल हुआ. इसके बाद ACJM CBI कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आनंदपाल सिंह को मारने वाले पर 7 पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस चलेगा.