UP Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई में महज 15 साल की उम्र में मिठनी को शादी के बाद और गौना से पहले डकैत किडनैप कर अपने साथ ले गए थे. कुछ दिनों तक जंगलों में घुमाने के बाद किसी के हवाले कर दिया था. कुछ दिनों के बाद जब सोहनलाल जो ये बात चली तो उन्होंने अपने पहलवान दोस्तों के साथ मिलकर उस गांव में धावा बोल दिया और मिठनी को अपने साथ ले आई. मिठनी की खूबसूरती को देखकर सोहनलाल ने उससे शादी कर ली.
उत्तर प्रदेश के हरदोई में 15 साल की उम्र में मिठनी को डकैतों ने किडनैप कर लिया था. अब करीब 65 साल बाद अपने गांव पहुंची.
UP Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से हैरतअंगेज कहानी सामने आई है. जहां एक 15 साल की लड़की को डकैतों ने अगवा कर लिया था. फिर कई दिनों तक जंगल में लेकर घूमे. जानकारी सामने आ रही है कि उनकी पिटाई भी की थी. उसे 15 साल की उम्र में डाकुओं ने किडनैप कर लिया था. तब से उसने अपने परिवार को नहीं देखा था. अब 65 साल बाद वह अपने परिवार से मिली जिससे पूरा गांव इमोशनल हो गया.
असल में रैदास समुदाय का बलदेव हरदोई जिला हेडक्वार्टर से करीब 15 किलोमीटर दूर टोलवा आट गांव के बाहर एक टोले में रहता था.
गांव के बाहर सिर्फ तीन-चार घर थे, जिन्हें गांव वाले पुरवा कहते थे. दरअसल, बात 1961-62 की है. जब 100 से ज्यादा डाकुओं के एक गैंग ने उसी टोले में डकैती डाली थी. इस डकैती में डाकू कुछ चुराने नहीं बल्कि बलदेव के परिवार की इज्जत तार-तार करने आए थे. बलदेव के पास कोई कीमती सामान नहीं था, जिसे इतनी बड़ी संख्या में डाकू लूटने आते, इसलिए डाकुओं ने पहले पुरवे पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फिर लूट के दौरान बलदेव और उसके बेटे शिवलाल को धारदार हथियारों से घायल कर दिया. फिर उन्होंने उनकी 15 साल की बेटी मिठनी को किडनैप कर लिया.
मिठनी की शादी 15 साल की उम्र में सुरसा थाने के पुनुआवर गांव में डकैती से कुछ दिन पहले ही हुई थी. जबकि घटना के अगले महीने उसका गौना होने वाला था. डकैती के दौरान गैंग के लीडर की नजर जब मिठनी पर पड़ी तो उनकी खूबसूरती के दीवाने हो गए. जिसकी वजह से मिठनी को डाकुओं ने किडनैप कर लिया. लेकिन गौने से पहले उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. डाकुओं का गैंग मिठनी को कई दिनों तक अपने साथ जंगल में घुमाता रहा.
डाकुओं ने उसे कई बार पीटा और फिर अलीगढ़ में किसी को सौंप दिया. यह खबर अलीगढ़ के दादों थाना इलाके के समेघा गांव के सोहनलाल यादव तक पहुंची. जो कि एक पहलवान था और उसके कई पहलवान दोस्त थे. इलाके में उसका दबदबा था. यह पता चलने पर उसने अपने दोस्तों के साथ गांव पर हमला किया और मिठनी को बचा लिया. मिठनी बहुत सुंदर थी, लेकिन किडनैपिंग के बाद वह अपना होश खो बैठी थी. इसलिए सोहनलाल यादव ने उससे शादी कर ली और उनके आठ बच्चे 5 बेटियां और 3 बेटे हुए.
सोहनलाल से शादी के बाद मिठनी समेघा में एक नई जिंदगी गुजर बसर करने लगी, लेकिन अपने मायके की याद उन्हें हर पल सताती रही. मिठनी की छोटी बेटी से उसका दर्द नहीं देखा जा रहा था. इसलिए वो एक दिन अपनी मां को लेकर हरदोई पहुंच गई. हरदोई पहुंचकर उन्होंने सकाहा में शिव मंदिर का रास्ता पूछा उसके बाद वो पूछते-पूछते अपने घर पहुंची. जब उन्होंने अपने पिता और भाई का नाम लेकर पूछा तो लोगों ने बताया कि वो इस दुनिया में अब नहीं रहे. फिर उनके परिवार में बचे लोगों से मुलाकात की.
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