CM Yogi on Sardar Vallabhbhai Patel Skill Development Centre: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार और औद्योगिक क्षेत्र’ (Sardar Vallabhbhai Patel Employment Zone) की विस्तृत कार्य योजना की समीक्षा की, जिसका मकसद राज्य में औद्योगिक विकास को सीधे रोज़गार सृजन से जोड़ना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को न सिर्फ़ निवेश का केंद्र बनना चाहिए, बल्कि स्थायी रोज़गार, कौशल विकास और उद्यमिता का भी हब बनना चाहिए. उन्होंने ज़ोर दिया कि यह मॉडल जमीनी स्तर पर युवाओं को अवसर प्रदान करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का ज़रिया बनना चाहिए.
सीएम योगी ने क्या दिया निर्देश?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर ज़िले में विकसित होने वाला हर ज़ोन एक एकीकृत औद्योगिक और रोज़गार इकोसिस्टम के तौर पर काम करे, जहां उद्योग, प्रशिक्षण और सेवाएँ एक ही कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ युवाओं को प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है.
बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत हर ज़िले में कम से कम 50 एकड़ या उससे ज़्यादा ज़मीन पर एक ज़ोन विकसित किया जाएगा. हर ज़ोन में G+3 बिल्डिंग में एक ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार और कौशल विकास केंद्र’ होगा, जो रोज़गार, प्रशिक्षण और कॉमन फ़ैसिलिटी सेंटर के तौर पर काम करेगा।
उत्पादों के लिए कौन-कौन सी सुविधा शामिल होंगी?
बैठक में बताया गया कि रोज़गार और कौशल विकास केंद्र में ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) उत्पादों के लिए एक डिस्प्ले ज़ोन, ट्रेनिंग हॉल, मीटिंग की सुविधाएं, ज़िला उद्योग केंद्र, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, ज़िला रोज़गार कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर और बैंकिंग सुविधाएं शामिल होंगी. इस केंद्र को युवाओं और उद्यमियों के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम के तौर पर विकसित किया जाएगा. यह भी बताया गया कि औद्योगिक ज़ोन का डिज़ाइन प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आधारित होगा. इससे MSME सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों के उद्योगों के लिए तुरंत काम शुरू करना आसान हो जाएगा.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कौशल विकास, हैंडहोल्डिंग और प्लेसमेंट सेवाओं को ज़ोन के साथ अनिवार्य रूप से एकीकृत किया जाए. उन्होंने कहा कि युवाओं को सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल उन्नयन, जॉब फ़ेयर, उद्यमिता प्रशिक्षण और मेंटरिंग के ज़रिए सीधे उद्योगों से जोड़ा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस उद्देश्य के लिए सभी ज़िलों में जरूरी जमीन की पहचान की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट), MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और कौशल विकास योजनाओं के साथ तालमेल बिठाकर लागू किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय उत्पादों, उद्योगों और युवाओं को एक साझा मंच मिल सके. उन्होंने रेगुलर रिव्यू, साफ़ टाइमलाइन और जमीनी स्तर पर लागू करने पर खास ज़ोर दिया. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और औद्योगिक ज़ोन राज्य में औद्योगिक विकास को एक नई दिशा देगा और उत्तर प्रदेश को रोजगार-उन्मुख विकास मॉडल के राष्ट्रीय उदाहरण के तौर पर स्थापित करेगा.