visa fraud gang arrested in Agra: बेरोज़गार युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आगरा पुलिस (Agra Police) ने इस गैंग के सरगना अंकित गुप्ता समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली ई-वीज़ा, पासपोर्ट की कॉपियां, फर्जी कॉल लेटर (fake call center), अपॉइंटमेंट लेटर, लैपटॉप, प्रिंटर और स्कैनर बरामद किए गए हैं। पुलिस को शक है कि अब तक सैकड़ों युवक-युवतियां इस गैंग का शिकार बन चुके हैं।
सोशल मीडिया (social media) पर चल रहा था ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया (social media) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (online platform) पर आकर्षक विज्ञापन डालता था। इन विज्ञापनों में विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। बेरोज़गार युवा जब संपर्क करते, तो उनसे पहले रजिस्ट्रेशन और वीज़ा फीस के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जाती थी। उसके बाद उन्हें नकली ई-वीज़ा और जॉइनिंग लेटर थमा दिया जाता था।
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फर्जी जॉब सेंटर (Fake Job Center) से हो रही थी ठगी
DSP सिटी सोनम कुमार ने बताया कि गिरोह का सरगना अंकित गुप्ता लंबे समय से फर्जी जॉब सेंटर के नाम पर यह ठगी कर रहा था। आरोपी किराए पर ऑफिस लेकर वहां इंटरव्यू कॉल लेटर और अपॉइंटमेंट लेटर तैयार करते थे। ऑफिस का संचालन भी नकली पहचान पत्र और डमी किरायानामे पर किया जाता था, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी संख्या में नकली दस्तावेज़ बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल आगरा ही नहीं बल्कि दिल्ली, नोएडा, राजस्थान और यूपी के कई जिलों तक फैला हुआ है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क ने अब तक सैकड़ों युवाओं को ठगा है।
पीड़ितों की तलाश जारी
DSP सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस अब उन युवाओं की पहचान कर रही है, जो इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए हैं। जल्द ही पीड़ितों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिना सत्यापन किए किसी एजेंसी या कंपनी को पैसे न देने की चेतावनी दी गई है। अधिकारी ने कहा कि आरोपी बेरोज़गारी और युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर लाखों रुपए की ठगी कर रहे थे।
पुलिस का बयान
DSP सिटी, सोनम कुमार ने बताया कि यह गैंग सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर बेरोज़गार युवाओं को विदेश नौकरी का लालच देता था। अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। आरोपी ने बताया कि हम लोग सोशल साइट्स से कैंडिडेट खोजते थे और फीस वसूल कर फर्जी वीज़ा व कॉल लेटर बना देते थे।