Meerut Central Market Sealing: सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने मेरठ में हड़कंप मचा दिया है. हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के एक्शन के बाद सेंट्रल मार्केट का हाल बेहाल है. बता दें कि इसे मेरठ की धड़कन भी कहा जाता है. इस एक आदेश से कितनी दुकानों पर ताले लग गए.
Meerut Central Market Sealing
Meerut Central Market Sealing: सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने मेरठ में हड़कंप मचा दिया है. हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के एक्शन के बाद सेंट्रल मार्केट का हाल बेहाल है. बता दें कि इसे मेरठ की धड़कन भी कहा जाता है. इस एक आदेश से कितनी दुकानों पर ताले लग गए. इतना ही नहीं बल्कि उनके साथ-साथ लाखों लोगों का रोज़गार छिन गया. वहीं व्यापारियों का सीधा-सीधा आरोप है कि विभाग ने, भारी-भरकम ₹75 करोड़ अपनी जेब में डालने के बाद, उन्हें बेबस और बेजार महसूस करा दिया. एक भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ़ भड़की इस भारी नाराज़गी की आग अब 9 अप्रैल को ‘मेरठ बंद’ के रूप में पूरे शहर को ठप करने के लिए तैयार है. चलिए जान लेते हैं ऐसा क्यों किया गया.
मीडिया से बातचीत करते हुए व्यापारी नेता अजय गुप्ता ने व्यवस्था को लेकर निशाना साधा और उन्होंने कहा कि जिस तरह से हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के भ्रष्ट अधिकारियों ने एक बेहद अहम व्यापारिक केंद्र के खिलाफ़ कार्रवाई की है, उसके विरोध में 9 अप्रैल, 2026 को पूरा मेरठ शहर एकजुट होकर बंद रखेगा. उन्होंने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन अधिकारियों ने कोर्ट को गुमराह किया है. व्यापारियों का पक्का मानना है कि अधिकारियों की लापरवाही और उनके द्वारा पेश किए गए तोड़-मरोड़कर पेश किए गए तथ्यों की वजह से ही मेरठ का यह प्रमुख बाज़ार आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस अन्याय के विरोध में, मेरठ अब अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा.
Election 2026 Live Updates: सज चुका चुनावी रण! केरल-असम और पुडुचेरी में; आज मतदान जानें हर एक अपडेट
सिर्फ यही नहीं व्यापारियों का सबसे बड़ा आरोप वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है. व्यापारी जीतू नागपाल ने इस बात की जानकारी दी कि हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि अगर व्यापारी ज़रूरी रकम जमा कर देते हैं, तो तय रिहायशी इलाके में चल रही व्यापारिक गतिविधियों को लागू नियमों के मुताबिक नियमित कर दिया जाएगा. इस वादे के बदले में, विभाग ने व्यापारियों से लगभग ₹75 करोड़ जमा करवाए. फिर भी, यह रकम मिलने के बावजूद, कोर्ट के सामने गलत तथ्य पेश किए गए. एक ऐसा धोखा जो अब मौजूदा सीलिंग अभियान के रूप में सामने आया है.
Neeraj Singh Murder: सालों बाद, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का मामला, एक…
Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अभी छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे…
Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition vs Hyundai Ioniq 5: को लेकर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में…
चलिए जानते हैं दोनों स्कूटरों के बीच अंतर और आपके लिए कौन सा ज्यादा किफायती…
Silver Price Today 19 May 2026: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव…
Gold Price Today 19 May 2026 : मंगलवार (19 मई, 2026) को भी सोने की…