मेरठ के सदर बाजार स्थित तेली मोहल्ले में मिले टीचर प्रियंका विश्वास के कंकाल ने सबके होश उड़ा दिए हैं, लेकिन ये वारदात आखिर हुई क्यों और कैसे, इसके पीछे की कहानी लापरवाही, अंधविश्वास, मजबूरी और डिप्रेशन से जुड़ी है. करीब 5 महीने से घर में बंद प्रियंका कंकाल कैसे बन गई. ऐसा क्या था वहां, जिसे देखकर मेरठ पुलिस भी हैरान रह गई.
मेरठ में रोंगटे खड़े करने मंजर: 5 महीने से बंद घर में मिला टीचर का कंकाल, कमरे की हालत ने पुलिस को भी चौंकाया
मेरठ के सदर बाजार, तेली मोहल्ले में पुलिस को कुछ ऐसा मिला, जिसने पूरे शहर के होश उड़ा दिए. ये कहानी है 33 वर्षीय अविवाहित प्रियंका विश्वास की, जो वेस्ट एंड रोड स्थित एक निजी स्कूल में टीचर थी. प्रियंका 13 साल पहले ही अपनी मां शर्मिष्ठा को खो चुकी थीं. शर्मिष्टा विश्वास ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मां की मृत्यु के बाद प्रियंका अपने पिता उदय भानू के साथ रहने लगीं. प्रियंका के पिता भानू बेसिक शिक्षा विभाग में लिपिक थे और रिटायरमेंट ले चुके थे.
पुलिस की जांच से पता चला है कि प्रियंका विश्वास को अगस्त 2025 में काला पीलिया हुआ था. काफी गंभीर के चलते प्रियंका ने नौकरी छोड़ दी और परिवार के दूसरे सदस्यों को मिलने से मना कर दिया. प्रियंका काफी वक्त तक घर पर बीमार रहीं, लेकिन पिता उदय भानू ने डॉक्टर से कंसल्ट करने के बजाए मेहताब सिनेमा हॉल के पास किसी मौलाना से छाड़ा लगवाया. सही इलाज ना मिल पाने और अंधविश्वास में फंसे रहने के कारण प्रियंका की मृत्यु हो गई.
प्रियंका की मृत्यु के पिता उनके पिता उदय भानु घर पर शव के साथ रहने लगे. शव धीरे-धीरे सड़ता रहा और दुर्गंध छोड़ता रहा, लेकिन पिता ने बेटी का अंतिम संस्कार करने के बजाए परफ्यूम की बोतलें लाकर बदबू छिपाने की कोशिश की. जब हालात डिप्रेशन से भर गए तो प्रियंका का शव छोड़कर पिता उदय भानु घर का ताला लगाकर 4 महीने के लिए लापता हो गए.
प्रियंका ने गंभीर बीमारी के दौरान ही अपने रिश्तेदारों को पास आने से मना कर दिया था, लेकिन जब प्रियंका के पिता काफी दिन बाद बाजार में एक रिश्तेदार से मिले तो पूछताछ हुई. ऐसे में भी प्रियंका के पिता ने बात को टालने की पूरी कोशिश की और गाजियाबाद के अस्पताल से प्रियंका का इलाज चलने की बात कहने लगे. रिश्तेदारों को शक हुआ तो पूछताछ कड़ी कर दी. जब पता चला कि प्रियंका का शव घर के अंदर ही है तो तत्काल पुलिस को जानकर देकर 5 महीने से बंद घर खुलवाया गया.
मामले की सूचना मिलते ही जब मेरठ पुलिस ने प्रियंका के घर का दरवाजा खोला तो घर अंदर तक कचरे से भरा हुआ था. अंदर एक कमरे के बेड पर टीचर प्रियंका बिस्वास का कंकाल पड़ा था. 5 महीने तक सड़ने के बाद शरीर में हड्डी के अलावा एक पैर भी बचा था. प्रियंका के शव के ऊपर भी कचरा था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घर में एंट्री के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ सैंपल लिए और कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रियंका के पिता उदय भानु से पूछताछ में पता चला कि वो अपनी पत्नि की मौत के बाद टेंशन और अकेलेपन में जी रहे थे.
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