अमेठी: जामों ब्लॉक सभागार में आयोजित जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भोजन की गुणवत्ता पर उठा सवाल अब विवाद का रूप लेता जा रहा है। इसके फलस्वरूप दूषित भोजन की शिकायत करने वाले शिक्षकों को निलंबन का सामना करना पड़ा।इसके साथ मीडिया कर्मियों पर भी प्रशासनिक कार्रवाई के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया हैं,जिसके कारण यह मामला और भी गंभीर हो गया हैं।
शिक्षक हुए निलंबित,मीडियाकर्मियों पर FIR
जानकारी के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा कुल 13 शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया हैं,जिसमें शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राम ललन दुबे और शिक्षक ओम नारायण पांडेय मुख्य रूप से शामिल हैं. इन दोनो शिक्षकों के द्वारा ही भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे और मीडिया कर्मियों से यह बात शिकायती तौर पर सांझा भी की गई थी।
इस मामले में शिक्षक ओम नारायण पांडेय को निलंबित कर कर बहादुरपुर से मामले का संज्ञान लेने की सूचना है। जबकि अनका कहना है कि अब तक उन्हें इस तरह का कोई भी आधिकारिक आदेश नहीं मिला है,और न ही किसी प्रकार का कोई भी संबद्धीकरण का पत्र. शिक्षक ने बताया कि इस कार्रवाई की जानकारी अन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिली.
तहसीलदार हुए गुस्से से आगबबूला
उधर,तहसीलदार गौरीगंज का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में परोसा गया भोजन पूरी तरह ठीक और गुणवत्ता की दृष्टि से भी उपयुक्त था,लेकिन उसे खराब बताकर बेवजह का मुद्दा बनाया गया जिससे कि प्रशासन की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया जिसके फलस्वरूप मीडियाकर्मियों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया हैं. उन्होंने भविष्य में इस तरह कि चीजें न हो इसके लिए भी प्रशासन को सख्त आदेश दिए ताकि इन बेवजह की चीजों पर अंकुश लग सकें.
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शिक्षक जगत और मीडिया कर्मियों में निराशा और रोष व्याप्त हैं.और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी चरम पर है. उन्होनेंं कहा कि अगर भोजन में किसी प्रकार की समस्या न होती तो इसकी शिकायत करने की कोई आवश्यकता नहीं होती.