Mathura News: मथुरा में रिश्तों को कलंकित करने वाले एक दरिंदे को जिला जज की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. फरह क्षेत्र में अपनी ही रिश्ते की बहन की अस्मत लूटने में नाकाम रहने पर उसे जिंदा जलाने वाले दोषी उमेश को मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई गई. अदालत ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (विरलतम) मामला मानते हुए दोषी पर 1.30 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका है.
11 मार्च 2025 की है घटना
यह रूह कंपा देने वाली घटना 11 मार्च 2025 की है. हरियाणा के पलवल (थाना हसनपुर) का रहने वाला उमेश, मथुरा के फरह थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में अपनी रिश्ते की बहन (जेठानी की देवरानी) के घर पहुंचा था. उमेश दुपट्टा ओढ़कर और महिला का वेश धारण कर घर में दाखिल हुआ था. उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया. जब महिला ने कड़ा विरोध किया, तो हैवान बने उमेश ने उस पर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ डालकर आग लगा दी. महिला की चीखें सुनकर जब परिजन उसे बचाने दौड़े, तो उमेश छत से कूद गया जिससे उसके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं.
महिला ने अस्पताल में तोड़ दिया था दम
गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस ने घायल उमेश को भी आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था जहां से ठीक होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया. मृतका के पति ने उमेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
जिला जल ने सुनाई फांसी की सजा
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने अदालत में प्रभावी पैरवी की. जिला जज विकास कुमार की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखने के बाद उमेश को दोषी करार दिया. अदालत ने फैसले में साफ किया कि ऐसे जघन्य कृत्य करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है.
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