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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > चीनी की जमाखोरी पर भड़के योगी आदित्यनाथ, बोले, ‘सभी जिलों में डीएम गोदामों का कराएं सत्यापन’

चीनी की जमाखोरी पर भड़के योगी आदित्यनाथ, बोले, ‘सभी जिलों में डीएम गोदामों का कराएं सत्यापन’

हाल ही में प्रदेश में चीनी की हो रही जमाखोरी पर सीएम योगी ने समीक्षा की और कहा कि यूपी में चीनी की कमी नहीं है. CM योगी ने कहा तो किसी ने जमाखोरी की तो खैर नहीं होगी.

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Last Updated: August 22, 2026 19:26:53 IST

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हाल ही में उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समीक्षा की. CM योगी ने राज्य के निवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है. 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही मुख्यमंत्री ने ये भी निर्देश दिया कि अगर कोई समस्या होती है तो 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का भी संचालन किया जाएगा. 

मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार

हाल ही में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है. इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी का भंडार है. जानकारी के अनुसार जून और जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है. इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए, ताकि बाजार में आपूर्ति प्रभावित न हो.

कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी की अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें. उन्होंने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा. किसी भी डीलर को एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं होगी. वहीं, 10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत वाले बल्क कंज्यूमर्स 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में नहीं रोक सकेंगी.

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इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही मुख्यमंत्री ने ये भी निर्देश दिया कि अगर कोई समस्या होती है तो 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का भी संचालन किया जाएगा. 

मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार

हाल ही में मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है. इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी का भंडार है. जानकारी के अनुसार जून और जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है. इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए, ताकि बाजार में आपूर्ति प्रभावित न हो.

कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी की अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें. उन्होंने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा. किसी भी डीलर को एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं होगी. वहीं, 10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत वाले बल्क कंज्यूमर्स 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में नहीं रोक सकेंगी.

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