City Youth Parliament: लखनऊ विधान सभा में आयोजित 3 दिवसीय राज्य स्तरीय युवा संसद-2026 के दूसरे दिन 180 युवाओं ने केंद्रीय बजट 2026-27 और विकसित भारत के संकल्पों पर अपनी बात रखी. दुनिया का यूथ पावर हाउस कहे जाने वाले देश के सशक्त युवा विकसित भारत के संकल्पों को पूरा करने का संकल्प लिया गया. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित युवा संसद में प्रत्येक युवा को तीन मिनट बोलने का अवसर दिया गया. तीन मिनटों में युवा वक्ताओं ने जो गहराई, दृष्टि और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई उससे विधानमंडप तालियों से गूंजता रहा. विधानसभा में आयोजित तीसरे दिन के सत्र में जहां 50 युवा वक्ताओं ने अपने विचारों से राष्ट्र चिंतन को नई दिशा दी. वहीं, उन्नाव जनपद के ऊगू नगर के युवा प्रतिभागी ऋषि वैभव मिश्र ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य से पूरे सदन का ध्यान आकर्षित किया.
शिक्षा की गुणवत्ता और युवा नेतृत्व पर जोर
केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना” विषय पर बोलते हुए ऋषि वैभव मिश्र ने रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, शिक्षा की गुणवत्ता तथा युवा नेतृत्व की भूमिका पर सशक्त विचार प्रस्तुत किए. उनके वक्तव्य में जमीनी समझ के साथ राष्ट्रीय दृष्टिकोण और वैश्विक सोच का संतुलित समन्वय स्पष्ट रूप से दिखाई दिया.
तार्किक प्रस्तुति से तालियों से गूंजा सदन
उनकी ओजस्वी वाणी और तार्किक प्रस्तुति से सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराए जाएं.
छोटे शहर का हुनर मंच पर छाया
ऊगू नगर जैसे छोटे क्षेत्र से निकलकर विधानसभा के मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले ऋषि वैभव मिश्र ने न केवल उन्नाव जनपद का मान बढ़ाया, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने. कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी और प्रभावशाली प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि उन्नाव के युवा भी राष्ट्रीय मंचों पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम हैं.
बजट सामाजिक परिवर्तन का रोडमैप
छात्रों ने कहा कि केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वच्छता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता से शामिल किया गया है. बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को पाने का माध्यम भी है. बजट सामाजिक परिवर्तन का रोडमैप है, जो युवाओं को अवसर देने के साथ ही उन्हें विकसित राष्ट्र गढ़ने की जिम्मेदारी भी सौंपता है. विकसित भारत की परिकल्पना सतत समावेशी व संतुलित विकास से संभव होगी.