Begeshwar Earthquake: उत्तराखंड के बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है.
उत्तराखंड के बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस किए गए.
Begeshwar Earthquake: उत्तराखंड के बागेश्वर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है. हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है. लेकिन जैसे ही लोगों ने भूंकप के झटके महसूस किए. सभी अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
बागेश्वर स्थित ज़िला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र (epicenter) बागेश्वर क्षेत्र में ही था, जबकि इसकी गहराई 10 किलोमीटर बताई गई है.
सुबह के शुरुआती घंटों में आए इस हल्के भूकंप के कारण कुछ इलाकों में लोगों ने हल्के झटके महसूस किए, जिससे कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया. हालांकि, ये झटके इतने हल्के थे कि ज़्यादातर लोग इन्हें महसूस भी नहीं कर पाए.
भूकंप आने पर लोग अक्सर पैनिक कर जाते हैं. लेकिन ऐसे मौकों पर बेहद सावधानी से काम लेने की जरूरत नहीं है. जब भी भूकंप आए तो घबराए नहीं. घबराहट में लोग अक्सर गलत फैसले ले लेते हैं और उन्हें ज़्यादा चोटें लगती हैं. सरकार की आपदा प्रबंधन एजेंसी NDMA, क आसान तीन शब्दों का मंत्र सिखाती है: ड्रॉप, कवर, होल्ड.
अगर आप घर के अंदर हैं तो खिड़कियों, शीशों, टेलीविजन और भारी फर्नीचर या अलमारियों से दूर रहें. रसोई या बाथरूम के किसी कोने में पनाह लें. दरवाज़े के पास खड़े होने की गलती न करें. अगर आप घर के बाहर हैं तो किसी खुली जगह की ओर जाएं, जैसे कोई मैदान या पार्क. इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों से दूर रहें.
अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो गाड़ी को सड़क के किनारे रोक लें और गाड़ी के अंदर ही रहें. ब्रेक लगाएं और अपने हाथों से अपने सिर को बचाएं. अगर आप स्कूल या दफ्तर में हैं तो अपने शिक्षकों या सुपरवाइज़रों के दिए गए निर्देशों का पालन करें. किसी भी हाल में लिफ्ट का इस्तेमाल न करें; इसके बजाय, सीढ़ियों से धीरे-धीरे नीचे उतरें.
झटके रुकने के बाद भी एक या दो मिनट तक इंतजार करें. फिर शांति से बाहर निकलें. गैस के चूल्हे, बिजली के स्विच और पानी के वाल्व बंद कर दें. अगर कहीं आग लग गई है तो सबसे पहले उसे बुझाएं. इसके बाद घायलों की जांच करें. अगर किसी को खून बह रहा है तो किसी साफ कपड़े से घाव पर दबाव डालें. बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने को प्राथमिकता दें. अपने फ़ोन का इस्तेमाल सिर्फ़ ज़रूरी कामों के लिए करें, क्योंकि भूकंप के बाद अक्सर टेलीफ़ोन लाइनें बहुत ज़्यादा व्यस्त हो जाती हैं. अधिकारियों से आधिकारिक अपडेट और जानकारी के लिए रेडियो या टेलीविज़न से जुड़े रहें.
PAK vs ENG ODI Match: इंग्लैंड के खिलाफ जीत के साथ पाकिस्तान टीम ने टूर्नामेंट…
Jhansi eunuch dispute: उत्तर प्रदेश के झांसी में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच…
Kanpur woman murder case: कानपुर के स्वर्ण जयंती विहार में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही…
Karan Wahi Uditi Singh breakup: टीवी एक्टर करण वाही ने सिद्धार्थ कन्नन के शो में…
Hyderabad egg throwing incident: तेलंगाना के हैदराबाद के पुराने शहर के संतोशनगर में दुर्गा माता…
India vs Zimbabwe Women ODI: वडोदरा में खेले जा रहे दूसरे वनडे में भारतीय महिला…