Mamata Banerjee Seat: बंगाल एसआईआर के बाद करीब 60 लाख लोगों के नाम अंडर एडजुडिकेशन लिस्ट में शामिल है. मुस्लिम बहुल इलाकों जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, साउथ 24 परगना और नॉर्थ 24 परगना में लाखों लोगों के नाम अधर में हैं.
ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में 47 हजार लोगों के नाम अधर में हैं.
West Bengal SIR News: पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ममता बनर्जी और चुनाव आयोग आमने सामने हो गए हैं. एक तरफ जहां चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की सफाई बता रहा है. तो वहीं, दूसरी तरफ ममता बनर्जी करीब 60 लाख लोगों के नाम अंडर एडजुडिकेशन लिस्ट में शामिल करने के बाद भड़की हुई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SIR के फाइनल फेज के बाद बंगाल में लगभग 7.04 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 60 लाख से ज्यादा वोटर फैसले के तहत हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसआईआर की प्रक्रिया से पहले राज्य में लगभग 7.66 करोड़ वोटर थे. बंगाल एसआईआर को लेकर दिसंबर में ड्राफ़्ट रोल के पब्लिकेशन के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची रिवीजन की प्रक्रिया में पहली बार राज्य में 8,000 से ज्यादा माइक्रो-ऑब्ज़र्वर तैनात किए.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा लंबित केस मुर्शिदाबाद में 11 लाख लोगों के नाम, मालदा में 8.28 लाख लोगों के नाम, साउथ 24 परगना में 5.22 लाख लोगों के नाम और नॉर्थ 24 परगना में 5 लाख लोगों के नाम अधर में लटके हुए हैं. आसान भाषा में समझाने का प्रयास करें तो इन सभी लोगों के नाम अंडर एडजुडिकेशन लिस्ट में हैं. जिनको चुनाव आयोग द्वारा तैनात किए गए माइक्रो ऑब्जर्वर जांच करेंगे. उसके बाद ये तय किया जाएगा कि इन लोगों के नाम मतदाता सूची में होंगे या नहीं.
ऊपर जितने भी जिलों के नाम बताए गए हैं, ये सभी मुस्लिम बहुल जिले हैं. इसके अलावा, मुस्लिम बहुल जिले झारग्राम और कलिम्पोंग में सबसे कम पेंडिंग केस थे, जिनकी संख्या क्रमशः 6,682 और 6,790 है.
चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ममता बनर्जी की विधानसभा सीट भवानीपुर का क्या हाल है? आइए जानते हैं. साउथ कोलकाता में ममता बनर्जी के चुनाव क्षेत्र भवानीपुर में 44,000 से ज्यादा वोटरों (20% से ज़्यादा) के नाम हटा दिए गए थे. फ़ाइनल रोल में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 47,000 हो गया, जिसमें लगभग 14,000 नाम अभी भी फैसले के लिए पेंडिंग हैं. अपने चुनाव क्षेत्र खासकर वार्ड नंबर 77 में इतने सारे वोटरों के नाम हटाए जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हैरानी जताई है.
इस पर बयान देते हुए उन्होंने कहा कि कहीं भी वोटों में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर ये नाम हटाए हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2021 में हुए उपचुनाव में ममता भवानीपुर सीट से 58,000 से ज्यादा वोटों से जीती थीं.
फाइनल लिस्ट में 3,60,22,642 पुरुष वोटर, 3,44,35,260 महिला वोटर और 1,382 थर्ड जेंडर के वोटर शामिल हैं. चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक, पूरी एसआईआर प्रक्रिया के बाद महिला वोटरों की संख्या में थोड़ी कमी आई. कुछ पार्टियों ने इसे हाईलाइट किया, जिसमें ममता ने दावा किया कि इस प्रोसेस में महिला वोटर सबसे ज्यादा कमजोर थीं.
जब अक्टूबर में बंगाल में एसआईआर शुरू हुआ, तो महिला वोटर्स की संख्या 49.23% थी, जो ड्राफ्ट रोल्स में घटकर 48.88% और फाइनल रोल्स में 48.87% हो गई.
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