<
Categories: Uncategorized

‘ट्रेड हसबैंड’ कौन है? घर पर रहने वाले पति क्यों बन रहे हैं पुरुष? एक खास ट्रेंड या भारतीय शादियों में बड़ा बदलाव

समय के साथ-साथ लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा है. इन दिनों लोग अपनी पत्नी के करियर को सपोर्ट करने के लिए ट्रेड हसबैंड या हाउस हसबैंड बन रहे हैं, जो एक नया बदलाव है.

Trad Husband: इन दिनों ‘ट्रेड हसबैंड’ शब्द का जिक्र सुनने को मिल रहा है. अब बहुत से लोगों के मन में शंका है कि आखिर ये ट्रेड हसबैंड क्या होता है और ये चलन में क्यों हैं. ये भारतीय पुरुष की भूमिका से कैसे अलग है? इतना ही नहीं लोग ये भी जानना चाहते हैं कि ये पुरानी परंपरा है या नए जमाने की पसंद. इसे समाज स्वीकार करता है या नहीं करता. तो आइए जानते हैं…

बता दें कि ट्रेड हसबैंड को हाउस हस्बैंड के नाम से भी जाना जाता है. ये वे पुरुष होते हैं जो घर-गृहस्थी, बच्चों की परवरिश और पत्नी के करियर को सपोर्ट करने के लिए घर पर रहते हैं और उनकी पत्नियां जॉब कर घर चलाती हैं. हालांकि ये ट्रेंड पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देता है क्योंकि ये बराबरी पर आधारित रिश्तों को सपोर्ट करता है. इसके तहत पुरुष परिवार संभालते हैं. वे भी भावनात्मक और घरेलू कामों में ज़्यादा सक्रिय हो रहे हैं. ये ट्रेंड परिवार व समाज की पुरानी सोच को धीरे-धीरे बदल रहा है. हालांकि ससुराल वाले और समाज शुरू में इसे स्वीकार नहीं कर रहा है लेकिन धीरे-धीरे इसके प्रति स्वीकार्यता बढ़ रही है. इसके तहत आर्थिक योगदान के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों में भी बराबरी की अपेक्षा होती है.

कौन हैं ट्रेड हसबैंड

बता दें कि ट्रेड हसबैंड पश्चिमी देशों से आया कॉन्सेप्ट है, जहां पुरुष अपनी पत्नियों के करियर को सपोर्ट करने के लिए घर में रहकर पत्नियों की जिम्मेदारियां उठाते हैं और पत्नियां बाहर जाकर काम करती हैं और पैसे कमाती हैं.

पुरानी परंपरा या नई सोच

ये पुरानी परंपरा नहीं है बल्कि नए जमाने की नई सोच और पसंद है. ये समाज में एक आधुनिक बदलाव है, जहां बराबरी और आपसी समझ होती है. इसके तहत पुरुष और महिलाएं दोनों की भूमिकाएं तय नहीं होतीं, वो अपनी सुविधानुसार घर के और बाहर के काम बांट लेते हैं.

भारतीय पुरुष की भूमिका से कैसे अलग?

बता दें कि भारतीय परंपरा के अनुसार, भारतीय पुरुष परिवार का मुखिया होता है. वो कमाने वाला और घर के बाहर की जिम्मेदारियां निभाने वाला होता है. भारतीय पुरुषों को घर के कामों में शामिल होना पसंद नहीं होता. 

वहीं ट्रेड हस्बैंड अपनी पत्नी के करियर को सपोर्ट करने के लिए घर पर रहते हैं और घर परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हैं. वे बच्चों की परवरिश करते हैं और खाना भी बनाते हैं, जो पारंपरिक सोच से बिल्कुल अलग हैं.

इस तरह के दामाद पर ससुराल वालों की प्रतिक्रिया

भारतीय परिवार इस तरह के लोगों को पसंद नहीं करते. शुरुआत में उनके प्रति कठिन प्रतिक्रिया होती है. परिवार वाले उन्हें ताने मारते हैं और कहते हैं कि उन्हें नौकरी करनी चाहिए. हालांकि जब वे घर को सही ढंग से मैनेज होते देखते हैं और लोगों को खुश देखते हैं, तो धीरे-धीरे इसके प्रति उनकी स्वीकार्यता बढ़ने लगती है. 

एक ट्रेंड या बदलाव का इशारा

बता दें कि ये इन दिनों ट्रेंड में है क्योंकि समाज के लिए ये नया है लेकिन ये केवल ट्रेंड नहीं बल्कि बदलाव का इशारा है. ये दिखाता है कि अब आपसी समझ, सम्मान और बराबरी वाली सोच पर रिश्ते टिकते हैं न कि पैसों पर. आने वाले समय में और भी पुरुष हाउस हस्बैंड की भूमिका निभाएंगे. 

‘ट्रैडवाइफ’ से जुड़ा ट्रेंड

आपको जानकर हैरानी होगी कि इन दिनों चल रहा ट्रेड हसबैंड का ट्रेंड ‘ट्रैडवाइफ’ से जुड़ा है. इसका अर्थ है ट्रेडिशनल वाइफ.इसी का मेल वर्जन है ट्रेड हसबैंड, जो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

Deepika Pandey

दीपिका पाण्डेय साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने 2020 में BJMC की डिग्री हासिल की. करियर की शुरुआत खबर टुडे न्यूज, DNP News और दैनिक खबर जैसे प्लेटफॉर्म्स से बतौर एंकर और कंटेंट राइटर की. उन्होंने क्राइम, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, लाइफस्टाइल, ऑटो-टेक और करेंट अफेयर्स पर काम किया है. इसके बाद हरिभूमि वेबसाइट में दिल्ली-NCR और नेशनल बीट कवर की. वर्तमान में वह इंडिया न्यूज में सीनियर कॉपी राइटर हैं. उनकी विशेषज्ञता क्राइम और एंटरटेनमेंट, बॉलीवुड, हॉलीवुड और भोजपुरी के साथ पॉलिटिक्स, लाइफस्टाइल, वायरल न्यूज, ह्यूमन इंटरेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज में है.

Share
Published by
Deepika Pandey

Recent Posts

Watch Video: अंदर लाश लटकी थी, बाहर भगदड़ मची थी, इंदौर के नशा मुक्ति केंद्र से एक साथ भागे 70 मरीज

Indore Rehab Center Chaos: इंदौर के पहचान नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने फांसी लगाकर…

Last Updated: October 31, 2026 21:19:16 IST

Azam Khan Arrested: जेल से बाहर आते ही फिर गिरफ्तार आजम खां, 15 गाड़ियों का काफिला, 50 CRPF जवानों के साथ पहुंची ED

Azam Khan Into ED Custody: जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा होते ही…

Last Updated: October 31, 2026 19:42:07 IST

Shraddha Kapoor की ‘ईठा’ पर डायरेक्टर का बड़ा खुलासा, बोले- विठाबाई की जिंदगी पर आधारित नहीं है फिल्म

Shraddha kapoor eetha film: श्रद्धा कपूर की आगामी फिल्म ‘ईठा’ को लेकर निर्देशक लक्ष्मण उतेकर…

Last Updated: October 31, 2026 19:26:55 IST

Bhopal fraud case: बेटे को वश में करने के नाम पर ठगे एक करोड़! तंत्र-मंत्र के जाल में ऐसे फंसा पूरा परिवार

Bhopal fraud case: भोपाल के साकेत नगर में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक…

Last Updated: October 31, 2026 19:17:41 IST