हम्पी में विजयनगर काल का 500 साल पुराना पत्थर का वॉटर चैनल आज भी वेसा ही है, ग्रेविटी-फेड तकनीक से बना यह सिस्टम प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग की एकेलेन्स को दर्शाता है, जो आधुनिक तकनीक के बिना भी सदियों से स्टेबल चल रहा है.
Hampi Ancient Engineering: कर्नाटक का हम्पी, जिसे रामायण काल की ‘किष्किंधा नगरी’ माना जाता है, आज भी अपने भीतर प्राचीन भारत के अविश्वसनीय रहस्यों को समेटे हुए है, जहां विजयनगर साम्राज्य के समय का 500 साल पुराना एक वॉटर आउटलेट (पानी का निकास) आज भी पूरी तरह चालू है, बिना किसी मॉडर्न मोटर या बिजली के, सिर्फ ग्रेविटी के सटीक इस्तेमाल से पत्थरों को काटकर बनाई गई यह प्रणाली आज भी पानी की धारा को बिना रुकावट के पानी चलता है, यह ना केवल भारत की प्राचीन इंजीनियरिंग का एक गौरवशाली प्रमाण है, बल्कि इतिहास और पुरानी कथाओं के मिलने का एक जीता जागता उदाहरण भी है.
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