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Hariyali Teej remedies: सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इसी महीने में हरियाली तीज का पर्व आता है. सुहागिन महिलाएं अपने सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से हरियाली तीज का व्रत करती हैं. इस साल 15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर प्रेम संबंधों में लगातार तनाव, गलतफहमी या दूरी बनी हुई है तो हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा के साथ कुछ उपाय किए जा सकते हैं. मान्यता है कि इनसे रिश्ते में सकारात्मकता और आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
रिश्ते में नकारात्मकता दूर करने के लिए करें लौंग-कपूर का उपाय
अगर आपको लगता है कि आपके प्रेम संबंध में अचानक परेशानियां बढ़ गई हैं या रिश्ते में नकारात्मकता आ गई है, तो हरियाली तीज की रात धार्मिक मान्यता के अनुसार कपूर और लौंग का उपाय किया जा सकता है. इसके लिए मिट्टी के दीपक में कपूर जलाएं और उसमें 5 या 7 साबुत लौंग डालें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना कहें. मान्यता है कि यह उपाय नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए किया जाता है. साथ ही मन को शांति मिलने और रिश्ते में चल रही गलतफहमियों को कम करने की कामना की जाती है. हालांकि, इन उपायों को धार्मिक आस्था के रूप में ही देखना चाहिए.
प्रेम विवाह में आ रही रुकावट के लिए करें यह दान
अगर प्रेम विवाह की इच्छा है और विवाह में किसी तरह की रुकावट आ रही है, तो हरियाली तीज के दिन 16 शृंगार की सामग्री किसी सुहागिन महिला को दान करने की परंपरा भी बताई जाती है. इसमें सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और अन्य सुहाग सामग्री शामिल की जा सकती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सुहाग सामग्री का दान सौभाग्य से जुड़ा माना जाता है. इस उपाय को करते समय भगवान शिव और माता पार्वती से अपने रिश्ते में सुख-शांति और विवाह की मनोकामना की जा सकती है. सुहाग सामग्री का दान जरूरतमंद महिला को करना भी शुभ माना जाता है.
हरे कपड़े पहनकर करें शिव मंत्र का जाप
हरियाली तीज के दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन स्नान आदि करने के बाद हरे रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करें. पूजा के बाद शांत स्थान पर बैठकर ध्यान मुद्रा में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. धार्मिक मान्यता में पंचाक्षरी मंत्र को भगवान शिव का प्रमुख मंत्र माना गया है. नियमित मंत्र जाप मन को एकाग्र करने और मानसिक शांति पाने में सहायक माना जाता है. प्रेम संबंधों में तनाव के दौरान शांत मन से बातचीत करना और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना भी रिश्ते को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
हरियाली तीज पर शिव-पार्वती से मांगें रिश्ते की खुशहाली
हरियाली तीज पर किए जाने वाले इन उपायों का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के जरिए रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सुख-शांति की कामना करना है. अगर रिश्ते में किसी बात को लेकर तनाव है तो पूजा-पाठ के साथ आपसी संवाद और विश्वास को भी महत्व देना चाहिए. धार्मिक उपाय आस्था का विषय हैं, इसलिए इन्हें सकारात्मक भावना के साथ करना बेहतर माना जाता है.