India News (इंडिया न्यूज), Bihar Politics: बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। विपक्ष इसे चुनावी स्टंट बता रहा है, लेकिन भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को दिल खोलकर दिया है और राज्य के विकास के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात दी है।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार को विक्रमशिला यूनिवर्सिटी दी, बिजलीघर की सौगात दी और सड़क निर्माण के लिए बड़ा बजट दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार बिहार के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
Bihar Politics
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री और हमारे लाडले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभा से विपक्ष को मिर्ची लग रही है।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं, जबकि मोदी सरकार बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
प्रधानमंत्री के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी बिहार दौरे पर हैं, जिस पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार को केंद्र सरकार कितना महत्व दे रही है। उन्होंने कहा, “एक दिन प्रधानमंत्री आते हैं, दूसरे दिन राष्ट्रपति आती हैं, इससे स्पष्ट है कि बिहार को राष्ट्रीय पटल पर कितनी अहमियत मिल रही है।” पप्पू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को “लाडला मुख्यमंत्री” कहे जाने पर सवाल उठाया था, शाहनवाज हुसैन ने कहा कि “नीतीश कुमार बिहार के सबसे लोकप्रिय बेटे हैं।
बिहार में अगर कोई सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, तो वह नीतीश कुमार ही हैं।” लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए एक ट्वीट किया, जिस पर शाहनवाज हुसैन ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “लालू यादव ने सालों तक बिहार पर राज किया, लेकिन जंगलराज के अलावा कुछ नहीं दिया। उन्होंने जनता से कई वादे किए, लेकिन कोई भी पूरा नहीं किया।”
शाहनवाज हुसैन ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “हम इस बार भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। बिहार का नेतृत्व फिर से नीतीश कुमार के ही हाथों में रहेगा।” बिहार में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के दौरों से भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है, वहीं विपक्ष इसे महज चुनावी रणनीति बता रहा है। चुनावी समर में कौन बाजी मारेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन अभी के हालातों को देखते हुए एनडीए सरकार अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।