India News (इंडिया न्यूज), Bihar Politics: पटना के मिलर हाई स्कूल ग्राउंड में कुर्मी समाज की एकता रैली में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। खास बात यह रही कि यह रैली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के बैनर तले नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कृष्ण कुमार मंटू पटेल उर्फ मंटू सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुई। बीजेपी विधायक ने इस रैली के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया, जिससे बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
BJP विधायक का बड़ा बयान, ‘अब एकजुट होगा कुर्मी समाज’
रैली के आयोजक और बीजेपी विधायक मंटू सिंह ने मंच से कुर्मी समाज को संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “कुर्मी जाति कई उपजातियों में बंटी हुई है, और जब तक यह समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक उसे उसका वाजिब हक नहीं मिलेगा।” उन्होंने इस रैली को NDA और आम जनता की रैली बताते हुए कहा कि यह कुर्मी समाज को संगठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
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नीतीश कुमार को लेकर उठे सवाल
कुर्मी समाज की इस रैली का नेतृत्व जदयू की बजाय बीजेपी विधायक द्वारा किए जाने से सियासी गलियारों में कई अटकलें लगाई जा रही हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार खुद कुर्मी जाति से आते हैं और वर्षों से इस समाज के सबसे बड़े नेता माने जाते रहे हैं। लेकिन बीजेपी के विधायक द्वारा इस तरह की रैली आयोजित करना संकेत देता है कि बीजेपी इस समाज में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
BJP का नया सियासी दांव?
विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने इस रैली के जरिए कुर्मी समाज को अपने पाले में करने की कोशिश की है। खासकर हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए यह रैली बेहद अहम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि बीजेपी की यह रणनीति आगामी चुनावों में कितनी कारगर साबित होती है और क्या जदयू पर इसका कोई असर पड़ता है?