चेतन बांगड़े ग्रामीण भारत में सशक्तीकरण लाने के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं. ग्रामीण भारत के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने और उनकी जिंदगी को आसान बनाने की राह में इन्हें ‘भारत की शान’ पुरस्कार प्रदान किया गया है. चेतन बांगड़े और इनके द्वारा स्थापित ‘स्वसेवा’ की प्रेरणादायक यात्रा में ग्रामीण भारत में प्रतिभा और व्यावसायिक संभावनाओं की कभी कमी नहीं देखी गई, इसीलिए युवाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए हर संभव कोशिशें की गईं. दरअसल सही मार्गदर्शन, कानूनी दस्तावेज़ों की जटिलताओं और कागज़ी कार्रवाई की वजह से ग्रामीण उद्यमी आगे बढ़ने से वंचित रह जाते थे. इसी समस्या का स्थायी समाधान बनकर स्वसेवा ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक, चेयरमैन चेतन नामदेवजी बांगड़े उभरे.
वर्ष 2009 से 2012 तक उन्होंने ऐपको ग्रुप इंटरनेशनल में फील्ड वर्क किया. इसके बाद 2012 से 2015 तक एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में सेवाएं दीं. 2015 से 2019 तक उन्होंने उन्नति ग्रुप में जनरल मैनेजर का पद संभाला. हालांकि, 14 अक्टूबर 2020 को नागपुर के सावनेर में हुई एक दुर्घटना ने उनके जीवन का रुख बदल दिया. अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज के रिश्तेदार से उनकी बातचीत हुई. चेतन जी ने उन्हें उनके व्यवसाय को कानूनी रूप से व्यवस्थित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी. कुछ हफ्तों बाद जब वे पुनः मिले तो उस व्यक्ति ने बताया कि सही मार्गदर्शन से उनका व्यवसाय बहुत तेजी से बढ़ा है. इस घटना ने चेतन जी को अहसास कराया कि सही समय पर दिया गया सही मार्गदर्शन किसी का जीवन बदल सकता है. यही अनुभव ‘स्वसेवा’ की नींव बना.
कंप्यूटर कोचिंग से राष्ट्रीय विस्तार
‘स्वसेवा’ की शुरुआत मूल रूप से एक कंप्यूटर कोचिंग इंस्टीट्यूट के रूप में हुई थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कागज़ी कार्रवाई की त्रुटियों और कानूनी अज्ञानता को देखते हुए कंपनी ने अपने दायरे का विस्तार किया. कोरोना काल के दौरान, ‘स्वसेवा’ ने ग्रामीण निवासियों को ई-पास, गुमास्ता (शॉप एक्ट लाइसेंस) और एमएसएमई (MSME) रजिस्ट्रेशन में अभूतपूर्व सहायता प्रदान की, 2020 से 2022 के बीच कंपनी ने विदर्भ स्तर पर अपनी सेवाएं दीं. 2022 से 2024 के दौरान संपूर्ण महाराष्ट्र में विस्तार किया गया. 2024-2025 में ‘स्वसेवा’ ने छत्तीसगढ़ (12 जिले) और मध्य प्रदेश (5 जिले) तक अपनी पहुंच बनाई. वर्तमान में कंपनी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है.
52 से अधिक सेवाओं का व्यापक नेटवर्क
‘स्वसेवा’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत को कागज़ी कार्रवाई, वित्त, सुरक्षा और दस्तावेज़ों की जटिलताओं से मुक्त बनाना है. कंपनी 52 से अधिक सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें शॉप एक्ट रजिस्ट्रेशन, एमएसएमई रजिस्ट्रेशन, फूड गाइडलाइन कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग, स्मार्ट एआई रोबो कैमरा, और एआई बिलिंग मशीन शामिल हैं. इसके अलावा, ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सक्षम और रोजगारयुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वसेवा अपने फ्रेंचाइजी मॉडल के माध्यम से प्रत्येक गाँव में प्रशिक्षण एवं विकास केंद्र स्थापित कर रही है. जहां-जहां हमारी शाखाएं संचालित होंगी, वहां ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए छह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे.
इनमें करियर मार्गदर्शन प्रशिक्षण (CGT), महिला उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम (WEP), पुनर्वास एवं जीवन कौशल प्रशिक्षण (RLT), ग्रामीण व्यवसाय विकास (RBG), हाई-टेक कृषि प्रशिक्षण (HFT) और सेल्स कमांडो प्रशिक्षण (SCT) शामिल हैं. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को सही दिशा देना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना, छोटे व्यापारियों को ब्रांड बनाने और व्यवसाय बढ़ाने में सहायता करना तथा समाज को सकारात्मक एवं जिम्मेदार जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है. हमारा लक्ष्य है कि हर गांव में कौशल, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर पैदा हों, जिससे एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण हो सके. स्वसेवा का उद्देश्य ग्रामीण व्यवसायों का स्वचालन करके उन्हें एक पहचान दिलाना है.
1 करोड़ ग्रामीण नागरिकों का लक्ष्य
कंपनी का दूरदर्शी दृष्टिकोण 1 करोड़ ग्रामीण नागरिकों को दस्तावेज़ों, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बोझ से मुक्त करना है. इसके साथ ही, कंपनी का मिशन 2,000 ग्रामीण युवाओं को रोजगार, कौशल और नेतृत्व विकास प्रदान करके आत्मनिर्भर बनाना है. चेतन बांगड़े का लक्ष्य 500 से अधिक जिलों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ‘स्वसेवा’ के संचालन को बढ़ाना है.
रोजगार और नई व्यावसायिक संभावनाएं
स्वसेवा केवल व्यवसायों को ही मदद नहीं दे रही, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन रही है. भविष्य के व्यावसायिक अवसरों में ‘महिला उद्यमिता कार्यक्रम’, ‘वन विलेज वन एंटरप्रेन्योर (हेल्पडेस्क)’,और जिला-स्तरीय फ्रैंचाइज़ी मॉडल शामिल हैं, जिनसे लाखों रिक्तियां (Vacancies) उत्पन्न होंगी. व्यापार गुरु सीए स्वस्तिक जैन के मार्गदर्शन में, चेतन बांगड़े ने ‘स्वसेवा’ को एक मजबूत और विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित किया है. ‘स्वसेवा’ का मूल मंत्र है- “अब हर बिजनेस बनेगा ब्रांड”.चेतन बांगड़े का मानना है कि सही नीयत, अनुशासन और निष्ठा के साथ किया गया प्रयास न केवल व्यवसायों को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है.