AI UPSC Success Story: तकनीक अब गांवों के युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दे रही है. 22 वर्षीय रसनीत कौर () ने AI और मेहनत के दम पर UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की.
UPSC Success Story: टेक्नोलॉजी आज सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों के युवाओं के लिए भी बड़े सपनों को पूरा करने का माध्यम बन रही है. इसका शानदार उदाहरण हैं 22 वर्षीय रसनीत कौर (Rasneet Kaur), जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है.
पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के पास स्थित मदनपुर गांव की रहने वाली रसनीत कौर एक साधारण परिवार से आती हैं. उनके पिता जसविंदर सिंह पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में लाइनमैन के रूप में काम करते हैं, जबकि उनकी मां स्वर्ण कौर गृहिणी हैं. बेटी की इस उपलब्धि के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है.
आज जहां अधिकतर अभ्यर्थी महंगे कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं, वहीं रसनीत ने अपनी तैयारी के लिए सेल्फ-स्टडी को चुना. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के बाद पूरी मेहनत के साथ UPSC की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की.
रसनीत की तैयारी का सबसे खास पहलू था टेक्नोलॉजी का स्मार्ट उपयोग. उन्होंने पढ़ाई के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया. टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार रसनीत बताती हैं कि AI की मदद से उन्होंने कठिन विषयों को छोटे और आसान नोट्स में बदला. इतना ही नहीं, AI ने उनके लिए मॉक इंटरव्यूअर की तरह भी काम किया. उनके अनुसार AI उनकी प्रोफाइल के आधार पर संभावित इंटरव्यू सवाल तैयार करता था, जिससे पर्सनैलिटी टेस्ट के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ा.
रसनीत की सफलता में उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा. उनके बड़े भाई, जो MCA डिग्री के साथ कंप्यूटर प्रोफेशनल हैं, ने AI से मिले सवालों के आधार पर घर पर ही मॉक इंटरव्यू करवाए. उन्होंने ही रसनीत को एंथ्रोपोलॉजी को ऑप्शनल विषय चुनने की सलाह दी, जो उनकी तैयारी में काफी मददगार साबित हुआ.
रसनीत पढ़ाई में शुरू से ही होनहार रही हैं. उन्होंने कक्षा 10वीं में 98.4% और कक्षा 12वीं में 96% अंक हासिल किए थे. अब ग्रेजुएशन के बाद पहले ही प्रयास में UPSC में सफलता हासिल कर उन्होंने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है. रसनीत की तैयारी के दौरान YPSF और संकल्प जैसी संस्थाओं ने भी उन्हें सहायता प्रदान की. YPSF के अध्यक्ष प्रभलीन सिंह के अनुसार, संस्था ने रसनीत को दिल्ली में रहने और पेशेवर मॉक इंटरव्यू सत्रों की सुविधा उपलब्ध कराई.
रसनीत के पिता जसविंदर सिंह भावुक होकर कहते हैं कि वह हमेशा मेहनती रही है. हमें उम्मीद थी कि वह अच्छा करेगी, लेकिन 51वीं रैंक देखना पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का पल है. रसनीत कौर की यह सफलता साबित करती है कि अगर मेहनत, सही मार्गदर्शन और टेक्नोलॉजी का सही उपयोग हो, तो गांव के छात्र भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर सकते हैं.
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