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Republic Day Parade: 25 साल बाद बेटे ने संभाली कमान, रिपब्लिक डे पर पिता के रास्ते चलेंगे करण नाग्याल, पढ़िए खास कहानी

Republic Day Parade 2026: लेफ्टिनेंट करण नाग्याल नौसेना के मार्चिंग दल का नेतृत्व करेंगे. कंटिजेंट कमांडर के रूप में कर्तव्य पथ पर चलना उनके लिए गर्व और सम्मान से भरा ऐतिहासिक पल होगा.

Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारतीय नौसेना के लिए खास होने जा रही है, क्योंकि इस ऐतिहासिक अवसर पर लेफ्टिनेंट करण नाग्याल (Lieutenant Karan Nagyal) नौसेना के मार्चिंग दल की कमान संभालते नज़र आएंगे. कंटिजेंट कमांडर के रूप में उनकी भूमिका न केवल जिम्मेदारी से भरी है, बल्कि राष्ट्रगौरव और व्यक्तिगत सम्मान से भी जुड़ी हुई है. कर्तव्य पथ पर सबसे आगे चलना किसी भी अधिकारी के लिए गर्व का क्षण होता है और लेफ्टिनेंट नाग्याल के लिए यह अनुभव और भी भावनात्मक है.

कठोर ट्रेनिंग और अनुशासन की परीक्षा

लेफ्टिनेंट नाग्याल ने परेड की तैयारी को “लंबी लेकिन यादगार यात्रा” बताया. दिसंबर के मध्य से ही दिल्ली की कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह आर्मी परेड ग्राउंड में प्रैक्टिस शुरू हो जाता है. इसके बाद दल कर्तव्य पथ पर शिफ्ट होता है, जहां हर कदम, हर मूवमेंट को परफेक्शन के साथ दोहराया जाता है. उनकी कमान में भारतीय नौसेना के चार अधिकारी और 144 नाविक शामिल हैं, जो देश के 20 से अधिक राज्यों से आते हैं. यह विविधता भारतीय नौसेना की अखिल भारतीय पहचान को दर्शाती है, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट होते हैं.

जोश से भरी टीम, शानदार प्रदर्शन की तैयारी

कठिन फिजिकल प्रैक्टिस के बावजूद, लेफ्टिनेंट नाग्याल का कहना है कि पूरा दल बेहद उत्साहित है. नाविकों में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्र के सामने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने का जज़्बा साफ दिखाई देता है. उनके अनुसार, अनुशासन और टीमवर्क ही इस परेड की सबसे बड़ी ताकत है.

चौथी पीढ़ी की सैन्य विरासत

जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले लेफ्टिनेंट करण नाग्याल एक चौथी पीढ़ी के सशस्त्र बल परिवार से आते हैं. उनके पिता जो वर्तमान में ब्रिगेडियर हैं, उन्होंने वर्ष 2001 की गणतंत्र दिवस परेड में गोरखा रेजिमेंट की प्लाटून का नेतृत्व किया था. ठीक 25 साल बाद अब बेटा उसी ऐतिहासिक मार्ग पर भारतीय नौसेना की वर्दी में कदमताल करता दिखेगा. यह पल उनके लिए पेशेवर उपलब्धि के साथ-साथ पारिवारिक गौरव का भी प्रतीक है.

INS ब्यास से कर्तव्य पथ तक

लेफ्टिनेंट नाग्याल इस समय भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस ब्यास पर तैनात हैं. समुद्र में उनका अनुभव जमीन पर उनकी लीडरशिप को और मजबूत बनाता है, जो नौसेना की ऑपरेशनल ताकत और औपचारिक उत्कृष्टता दोनों को दर्शाता है.

आत्मनिर्भर भारत और टीमवर्क की असली ताकत

आत्मनिर्भर भारत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दल के भीतर असली शक्ति एक-दूसरे पर भरोसे से आती है. हर नाविक दूसरे पर निर्भर करता है, जिससे पूरी यूनिट एक मजबूत और एकजुट रूप में सामने आती है. 26 जनवरी 2026 को जब देश गणतंत्र दिवस मनाएगा, तब लेफ्टिनेंट करण नाग्याल और उनका दल केवल कदमताल नहीं करेगा, बल्कि अपने साथ अनुशासन, विरासत और राष्ट्र के सम्मान का भार भी लेकर चलेगा, जो भारतीय नौसेना की असली पहचान है.

Munna Kumar

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