Ajay Sharma Birthday: घरेलू क्रिकेट में डॉन ब्रैडमैन जैसा औसत, 31 शतक और 10,000 रन; जानें क्यों सिर्फ 1 टेस्ट के बाद इस दिग्गज का करियर विवादों में खत्म हो गया.
घरेलू क्रिकेट में डॉन ब्रैडमैन जैसा औसत, 31 शतक और 10,000 रन; फिर एक विवाद ने करियर खत्म दिया
Ajay Sharma: आज एक ऐसे भारतीय क्रिकेटर का जन्मदिन है जिसने घरेलू क्रिकेट में बैटिंग का जबरदस्त प्रदर्शन किया था. इन शानदार प्रदर्शनों से यह उम्मीद जगी थी कि वह टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में भी बड़ा कमाल दिखाएंगे. लेकिन ऐसा हो न सका. उन्हें बहुत कम मौके मिले और जब वे मौके उनके हाथ लगे तो वह उनका फ़ायदा नहीं उठा पाए. उनका करियर विवादों के साए में ख़त्म हो गया. यह क्रिकेटर हैं अजय शर्मा. उनका जन्म 3 अप्रैल, 1964 को दिल्ली में हुआ था. अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट सिर्फ़ दिल्ली के लिए खेला. दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 129 फ़र्स्ट-क्लास मैचों में 67.46 की शानदार औसत से 10,120 रन बनाए. इस फ़ॉर्मेट में उन्होंने 38 शतक और 36 अर्धशतक बनाए. उन्होंने फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट में 87 विकेट भी लिए. लिस्ट A फ़ॉर्मेट में अजय शर्मा ने 113 मैच खेले और 2,814 रन बनाए, इस फ़ॉर्मेट में उनके रिकॉर्ड में दो शतक और 20 अर्धशतक शामिल हैं.
घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत, अजय शर्मा ने 1988 में चेन्नई में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया. उस मैच में उन्होंने 30 और 23 रनों की पारियाँ खेलीं. इन प्रयासों से उन्होंने एक काबिल बल्लेबाज के तौर पर अपनी क्षमता साबित की जो आगे भी मौकों का हकदार था. हालाँकि उन्होंने फिर कभी कोई दूसरा टेस्ट मैच नहीं खेला. घरेलू क्रिकेट में कई शानदार प्रदर्शन करने और अहम पारियाँ खेलने के बावजूद टीम इंडिया से उन्हें फिर कभी बुलावा नहीं आया.
भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद भी अजय शर्मा दिल्ली के लिए खेलते हुए घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे. 1996–97 के सीजन में उन्होंने एक ही रणजी सीजन में 1,000 से ज़्यादा रन बनाए. ऐसा करने वाले वे सिर्फ़ तीसरे खिलाड़ी बने. इसके बाद 1999–2000 के सीजन में वे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. इसके अलावा, उनके 31 शतकों का आँकड़ा इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा था.
अजय शर्मा ने फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट में 67.46 का औसत बनाए रखा. जिन खिलाड़ियों ने 10,000 से ज़्यादा फ़र्स्ट-क्लास रन बनाए हैं, उनमें यह तीसरा सबसे ऊँचा औसत है जो सिर्फ़ डॉन ब्रैडमैन और विजय मर्चेंट से पीछे है. जहाँ ब्रैडमैन और मर्चेंट ने अपने ज़माने के हिसाब से काफ़ी टेस्ट मैच खेले, वहीं अजय शर्मा सिर्फ़ एक टेस्ट मैच ही खेल पाए. मैच-फ़िक्सिंग के आरोपों के बाद उनका क्रिकेट करियर अचानक खत्म हो गया. उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया, हालाँकि बाद में अदालतों ने इस प्रतिबंध को हटा दिया. लेकिन तब तक, अजय शर्मा का क्रिकेट करियर खत्म हो चुका था.
2022 के मध्य में, जब शर्मा अपने परिवार के साथ थाईलैंड में छुट्टियाँ मना रहे थे तभी उनके फ़ोन की घंटी बजी. दूसरी तरफ़ मिथुन मन्हास थे जो उस समय जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट विकास के प्रमुख थे. शर्मा ने दिल्ली की एज-ग्रुप टीमों को सफलतापूर्वक कोचिंग दी थी. यश ढुल के एज-ग्रुप स्तर से लेकर भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी तक के सफ़र में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. आज अजय शर्मा जम्मू घरेलु क्रिकेट टीम के कोच हैं और उनकी कोचिंग में जम्मू ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीता.
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