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भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम को टी20 विश्व कप खिताब बचाने में अहम योगदान दिया, लेकिन उनकी अनियमित बल्लेबाजी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. 2028 में होने वाले लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह लंबे समय तक टीम की योजनाओं में बने रहेंगे. ऐसे में जून-जुलाई में इंग्लैंड और आयरलैंड का दौरा उनके लिए निर्णायक साबित हो सकता है, जहां उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी. अगर खराब रहा तो उन्हें कप्तानी पद से हटाया जा सकता है.
यह दौरा उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है, खासकर 2028 तक होने वाले बड़े टूर्नामेंट्स, जिनमें टी20 विश्व कप और ओलंपिक शामिल हैं. उसको देखते हुए. टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर अब भी सूर्यकुमार पर भरोसा जता रहे हैं और उन्हें लंबे समय तक टीम के साथ बनाए रखने के पक्ष में हैं. हालांकि चयन समिति, जिसका नेतृत्व अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस मुद्दे पर प्रदर्शन के आधार पर अंतिम फैसला ले सकती है, क्योंकि ओलंपिक तक सूर्यकुमार की उम्र लगभग 38 साल हो जाएगी.
बड़े मैचों में नहीं चला सूर्या का बल्ला
बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का मानना है कि कप्तानी के साथ-साथ सूर्यकुमार को अपनी बल्लेबाजी में भी निरंतरता दिखानी होगी. 2025 का साल उनके लिए निराशाजनक रहा, जब उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे चला गया और वह एक भी अर्धशतक नहीं बना सके. हालांकि 2026 में उन्होंने वापसी करते हुए टी20 विश्व कप तक चार अर्धशतक जड़े और 160 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए, लेकिन बड़े मुकाबलों में वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे. दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ उनके स्कोर काफी साधारण रहे.
वैभव कर सकते हैं टीम इंडिया के लिए डेब्यू
दूसरी ओर, युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी तेजी से उभर रही है और उन्हें आयरलैंड दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह दी गई है. माना जा रहा है कि वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख सकते हैं और संभवतः सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं. अब चयनकर्ताओं के सामने यह तय करना है कि उन्हें किस दौरे या सीरीज में मौका दिया जाए, जबकि वीजा प्रक्रिया के तहत संभावित खिलाड़ियों की सूची पहले ही तैयार कर ली गई है.