Suresh Raina Maa Baglamukhi Temple: टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन किए. इस दौरान उनकी पत्नी प्रियंका, मां और बहन भी उनके साथ मौजूद रहीं. रैना ने परिवार के साथ पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की और मां बगलामुखी से सुख समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरें उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा की हैं.
रैना ने शेयर की तस्वीरें
सुरेश रैना ने मंदिर में दर्शन करने के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘ॐ श्री बगलामुख्यै नमः’. रैना ने बताया कि हिमाचल प्रदेश से उनका गहरा जुड़ाव है और उनके परिवार की मां बगलामुखी में विशेष आस्था है. इसी आस्था के चलते वह परिवार के साथ देवी के दरबार पहुंचे और पूजा पाठ कर आशीर्वाद लिया. नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दर्शन करने के साथ रैना ने परिवार की सुख शांति और सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की. उनकी इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरों में परिवार की मौजूदगी भी देखने को मिली.
कांगड़ा की पहाड़ियों में स्थित है मां बगलामुखी का धाम
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पहाड़ियों के बीच स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवां स्वरूप माना जाता है. मंदिर में विराजमान देवी को मां पीतांबरा के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी अपने भक्तों को शत्रुओं पर विजय और बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद देती हैं. मान्यता है कि भगवान राम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए यहां तपस्या की थी. कहा जाता है कि उन्हें मां बगलामुखी से विजय का वरदान मिला था. हालांकि, ये प्रसंग धार्मिक मान्यताओं से जुड़े हैं.
मंगलवार को विशेष पूजा की मान्यता
मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए देश के अलग अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंगलवार का दिन मां बगलामुखी की साधना के लिए विशेष माना जाता है. मंदिर में दिन में दो बार आरती होती है. दी गई जानकारी के मुताबिक, सुबह की आरती 5:30 बजे और रात की आरती 8 बजे होती है. देवी की पूजा में हवन का भी विशेष महत्व बताया जाता है.
हवन में लाल मिर्च चढ़ाने की परंपरा
मां बगलामुखी मंदिर की पूजा पद्धति में हवन को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है. यहां हवन सामग्री में लाल मिर्च डालने की परंपरा है. मान्यता है कि लाल मिर्च शत्रुओं और बाधाओं के प्रभाव को दूर करने का प्रतीक है. इसी वजह से श्रद्धालु देवी की पूजा के दौरान इस विशेष हवन में शामिल होते हैं. मंदिर के मुख्य द्वार पर बाबा भैरव और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम के आदेश पर हनुमान जी और भैरव नाथ ने इस क्षेत्र की रक्षा का दायित्व संभाला था. इसी विश्वास के साथ भक्त मां बगलामुखी के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.