क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में एक समय ऐसा भी आया था, जब देश के सबसे खतरनाक माने जाने वाले अपराधी की एंट्री हो गई थी? यह सुनने में किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, लेकिन यह एक सच्ची घटना है, जिसमें आमना-सामना हुआ था दाउद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) और भारतीय क्रिकेट के महान कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) के बीच. आइए जानते हैं ये कब हुआ था और इसके पीछे की क्या वजह थी.
यह घटना साल 1986 की है, जब भारतीय टीम शारजाह में एक अहम मुकाबला खेलने पहुंची थी. उस समय टीम की कप्तानी कपिल देव कर रहे थे. इस हैरान कर देने वाले किस्से का खुलासा बाद में उनके साथी खिलाड़ी दिलीप वेंगसरकर ने किया था. मैच शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसी घटना हुई, जिसने सभी खिलाड़ियों को चौंका दिया. अचानक दाऊद इब्राहिम, अभिनेता महमूद के साथ भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहुंच गया. बिना कुछ कहे उसने खिलाड़ियों के सामने एक प्रस्ताव रख दिया. उसने कहा कि अगर भारतीय टीम अगला फाइनल मैच जीत जाती है, तो हर खिलाड़ी को इनाम में एक-एक टोयोटा कोरोला कार दी जाएगी.
कपिल देव ने बोला बाहर निकलो
यह सुनकर ड्रेसिंग रूम का माहौल एकदम बदल गया. खिलाड़ी हैरान थे और समझ नहीं पा रहे थे कि इस स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया दें. तभी कपिल देव ड्रेसिंग रूम में पहुंचे. उन्होंने पहले महमूद से बाहर जाने के लिए कहा और फिर बाद में दाऊद इब्राहिम को कहा कि चल बाहर निकल. कपिल देव ने बिना किसी डर के सख्त लहजे में कहा, “ये कौन है? इसे यहां से बाहर निकालो.” उनका यह बेखौफ अंदाज देखकर दाऊद इब्राहिम भी चौंक गया और बिना कुछ कहे चुपचाप वहां से बाहर निकल गया.
कपिल देव को नहीं पता था
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उस समय ड्रेसिंग रूम में मौजूद ज्यादातर खिलाड़ी दाऊद को पहचान भी नहीं पाए थे. केवल वेंगसरकर ही उसे पहचान सके थे. बाद में यह घटना काफी चर्चित हुई और आज भी इसे याद किया जाता है. हालांकि, कपिल देव को नहीं पता था कि जिन्हें वह बाहर जाने के लिए कह रहे हैं दरअसल, वह एक स्मगलर, अंडरवर्ल्ड डॉन है. उन्होंने बाद में इस बारे में बताया था कि उन्हें यह एहसास नहीं था कि वह एक स्मगलर को ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने के लिए कह रहे हैं.