Bhopal fraud case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक परिवार से बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि बेटे को वापस परिवार के करीब लाने और घर की परेशानियां दूर करने का झांसा देकर कथित तांत्रिकों ने महिला से लाखों रुपये नकद, ऑनलाइन रकम और सोने-चांदी के जेवर ले लिए. शिकायत के मुताबिक, ठगी गई नकदी और जेवरों की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.
बेटे को परिवार के करीब लाने का दिया भरोसा
मामले की शुरुआत मोहल्ले की एक परिचित महिला के जरिए हुई. शिकायतकर्ता पुरुषोत्तम शर्मा के मुताबिक, उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा की पहचान गौरी सिंह के माध्यम से आशा यादव से हुई थी. आशा ने अपने भाई मुकेश यादव को तंत्र-मंत्र करने वाला बताते हुए परिवार की परेशानियां दूर करने और गृहशांति कराने का भरोसा दिलाया. उस समय पुरुषोत्तम शर्मा का बेटा विवेक परिवार से अलग रह रहा था. राजेश्वरी चाहती थीं कि उनका बेटा दोबारा परिवार के करीब आ जाए. आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर आशा और उसके साथियों ने तंत्र-मंत्र के जरिए बेटे को वश में करने और परिवार को फिर से एकजुट करने का दावा किया. इसके बाद पूजा-पाठ और गृहशांति के नाम पर उनसे रुपये और जेवर लेने शुरू कर दिए.
ऑनलाइन ट्रांसफर से लेकर नकदी और जेवर तक लिए
शिकायत के अनुसार, 25 मई 2025 को सबसे पहले आशा यादव के बैंक खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए. इसके बाद फोन-पे के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब 7 लाख 16 हजार रुपये दिए गए. वहीं, घर में रखी लगभग 12 लाख 54 हजार रुपये की नकदी भी आरोपियों को सौंप दी गई. आरोप है कि महिला से करीब 625 ग्राम सोने के जेवर और 500 ग्राम चांदी भी ले ली गई. इस तरह तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर परिवार की बड़ी संपत्ति आरोपियों के पास पहुंच गई. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी और जेवरों का इस्तेमाल कहां किया गया.
ज्वेलर्स के फोन से खुला ठगी का मामला
इस मामले का खुलासा 29 सितंबर 2026 को हुआ, जब बिट्टन मार्केट स्थित जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम शर्मा को फोन किया. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा, आशा यादव के साथ दुकान पहुंची थीं. दुकानदार के मुताबिक, आशा ने करीब पांच महीने पहले लगभग 17 लाख रुपये का सोना खरीदा था. इसके लिए पांच लाख रुपये नकद दिए गए थे, जबकि बाकी रकम का चेक दिया गया था. चेक का भुगतान नहीं होने पर दुकानदार ने राजेश्वरी को पहले भी संदेश भेजे थे. इसके बाद पुरुषोत्तम शर्मा ने पत्नी से पूछताछ की तो तंत्र-मंत्र के नाम पर रुपये और जेवर देने की बात सामने आई.
10 करोड़ रुपये के चेक और कई कार्ड पुलिस ने किए जब्त
शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने पुरुषोत्तम शर्मा, उनकी पत्नी और दोनों बेटों के बयान दर्ज किए. जांच के दौरान राजेश्वरी शर्मा ने पुलिस को करीब 10 करोड़ रुपये के आठ चेक, एक खाली चेक और छह अलग-अलग एटीएम जैसे कार्ड सौंपे. पुलिस ने इन सभी को जब्त कर लिया. जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका सामने आने के बाद धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया.
गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे गए जेवर, तीन आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि आरोपियों ने हड़पे गए सोने के कुछ जेवर बैंकों में गोल्ड लोन के लिए गिरवी रख दिए थे. इस मामले में आशा यादव के पति हरीश कुमार और उनके साथी श्यान की भूमिका भी सामने आई. पुलिस ने संबंधित बैंकों में जेवरों को फ्रीज कराने की कार्रवाई की है, ताकि उन्हें आगे बेचा या हटाया न जा सके. आशा यादव की निशानदेही पर पुलिस ने 11 ग्राम सोना भी बरामद किया है. क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर जितेंद्र गढ़वाल के मुताबिक, पुरुषोत्तम शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आशा यादव, उसके पति हरीश कुमार और उनके साथी श्यान को गिरफ्तार किया है. वहीं, आशा के भाई मुकेश यादव की तलाश की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है और परिवार से ली गई बाकी संपत्ति कहां रखी गई है.